बीजापुर, 02 सितंबर 2025
डिप्टी कलेक्टर दिलीप कुमार उइके पर दर्ज रेप केस में नया मोड़ आया है। मामले की पीड़िता, जो सीएएफ की महिला आरक्षक है, ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आरोपी की गिरफ्तारी में देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़िता का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद भी आरोपी को बीमारी की छुट्टी देकर फरार होने का मौका दिया गया, जबकि उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए था।

पीड़िता ने सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। डौंडी थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है और पुलिस जल्द उसे गिरफ्तार करेगी।
पीड़िता का बयान
पीड़िता ने कहा, “बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी दी गई, जबकि गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। अब मैं अंतिम क्षण तक कानूनी लड़ाई लड़ूंगी, समझौते का कोई रास्ता नहीं है।”
उसने आरोप लगाया कि 2017 से 2025 के बीच उसके साथ कई बार जबरन गर्भपात कराया गया। जून 2025 में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता ने कहा कि जब उसने बात करने की कोशिश की तो आरोपी ने साफ कहा, “मेरे वकील से बात करो।”
समाज और परिवार से दबाव
पीड़िता ने बताया कि 17 अगस्त 2025 को डौंडी थाने में BNS की धारा 69 के तहत केस दर्ज होने के बाद समाज के कुछ लोग और आरोपी के परिजन केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। बावजूद इसके उसने साफ कर दिया कि वह केस वापस नहीं लेगी।
जमानत याचिका खारिज
डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके की अग्रिम जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। वहीं, पीड़िता ने आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी को साबित करने के लिए अपने बैंक स्टेटमेंट को पुलिस में सबूत के तौर पर पेश किया है।





