सुकमा, 03 सितम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” से प्रभावित होकर जिला सुकमा में 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं।

आत्मसमर्पित नक्सलियों में एसीएम स्तर का एक हार्डकोर सदस्य, 4 पार्टी सदस्य और अग्र संगठनों से जुड़े 16 सदस्य शामिल हैं। इनमें से कई नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था—जिसमें 2 पर 8-8 लाख, 1 पर 5 लाख, 4 पर 2-2 लाख और 4 पर 1-1 लाख का इनाम था।
आत्मसमर्पण पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में उप पुलिस महानिरीक्षक सीआरपीएफ राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। नक्सलियों ने बिना हथियार आत्मसमर्पण किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को शासन की नई पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण कराने में जिला बल, डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन सेल, आसूचना शाखा, रेंज फील्ड टीम (कोंटा, सुकमा), सीआरपीएफ की 111, 212, 217, 218, 226 बटालियन और कोबरा 203 बटालियन की विशेष भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक ने नक्सली संगठन में सक्रिय अन्य लोगों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज और परिवार की खुशियों को अपनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में हर संभव सहयोग मिलेगा।





