प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 06 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ में पहली बार कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योगों और संस्थाओं को राज्यस्तरीय सम्मान दिया जाएगा। ‘थिंक-एस इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025’ का आयोजन अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज और सर्वहितम के संयुक्त प्रयास तथा एनआईटी रायपुर के सहयोग से किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक समारोह 6 सितम्बर को शाम 4 से 7 बजे तक न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में होगा।
सीएसआर कार्यों को मिलेगा मंच
यह राज्य का पहला ऐसा मंच होगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में सीएसआर के जरिए समाज परिवर्तन और सतत विकास के लिए काम करने वाले उद्योगों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस पहल से कंपनियों और उद्योगों को वंचित और दूरस्थ समुदायों तक विकास के लाभ पहुँचाने के लिए और अधिक प्रेरणा मिलेगी।
थिंक-सो प्लेटफॉर्म की पृष्ठभूमि
थिंक-सो प्लेटफॉर्म की शुरुआत 20 मई 2024 को एनआईटी रायपुर में नज समिट 2.0 के दौरान हुई थी। इसी मंच पर थिंक-सो इम्पैक्ट अवॉर्ड की घोषणा की गई थी। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सीएसआर फंड का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना और सामाजिक व व्यवहार परिवर्तन आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में शामिल होंगे विशिष्ट अतिथि
अवार्ड समारोह में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि होंगे। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री लखनलाल देवांगन, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्य औद्योगिक विकास निगम अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और विधायक राजेश मूणत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही संयुक्त राष्ट्र निकायों और उद्योग जगत के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
पत्रिका का होगा विमोचन
इस अवसर पर Think-So CSR नामक त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी होगा। इसमें केंद्र सरकार के नीतिगत निर्णय, सीएसआर प्रोजेक्ट निर्माण की तकनीकी जानकारी, सफल कहानियां, सतत विकास लक्ष्य (SDG) की प्राप्ति, क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान और अनौपचारिक ट्रेनिंग कोर्स से जुड़ी सामग्री प्रकाशित की जाएगी।
सामाजिक परिवर्तन की दिशा में पहल
आयोजकों ने विश्वास जताया है कि यह अवॉर्ड उद्योगों को सीएसआर फंड को समाज के सबसे जरूरतमंद वर्गों तक पहुँचाने और नवाचार व स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा। इस मंच से नज फ्रेमवर्क और सामाजिक-व्यवहारिक परिवर्तन पर आधारित अभियानों को नई दिशा मिलेगी।





