रायपुर, 11 सितम्बर 2025
नारायणपुर जिले के लंका और डूंगा पंचायत में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस के बढ़ते प्रभाव और नक्सलियों की अमानवीय गतिविधियों से त्रस्त होकर 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में जनताना सरकार के सदस्य (सीएनएम अध्यक्ष), पंचायत मिलिसिया के डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष शामिल हैं।

इन माओवादी लड़ाकों का कार्य नक्सलियों के लिए राशन, दवाइयां, हथियार और सामग्रियों का परिवहन करना, आईईडी लगाने और फोर्स मूवमेंट की जानकारी देना था। पुलिस के अनुसार ये नक्सली स्लीपर सेल की तरह भी काम करते थे।
नारायणपुर पुलिस अधीक्षक आईपीएस रोबिनसन गुड़िया ने सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इसके अलावा उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
आईपीएस रोबिनसन गुड़िया ने कहा कि दुर्गम जंगलों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से दूर रखना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की है कि वे हथियार छोड़कर शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति अपनाएं।
पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस सुन्दरराज पी. ने बताया कि 2025 में माओवादी नेतृत्व को सुरक्षा बलों ने भारी क्षति पहुंचाई है, और अब संगठन के पास हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने माओवादी संगठनों से तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की अपील की।





