दंतेवाड़, 17 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा बलों के सघन अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। लगातार दबाव और कार्रवाई से नक्सली बौखलाए हुए हैं। एक तरफ उन्होंने पत्र लिखकर वार्ता की अपील की है, वहीं दूसरी ओर अपनी मौजूदगी और दहशत दिखाने के लिए निर्दोष ग्रामीण की हत्या कर दी।
ग्रामीण की हत्या से फैली दहशत
मिली जानकारी के अनुसार, अरनपुर थाना क्षेत्र के निलावाया गांव में गुरुवार देर रात हथियारबंद नक्सलियों ने ग्रामीण बंडी कोर्राम की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि नक्सली देर रात गांव में पहुंचे और बंडी कोर्राम को घर से बाहर बुलाकर धारदार हथियार से हमला किया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बंडी कोर्राम का परिवार पहले से नक्सलियों के निशाने पर था। करीब चार साल पहले उनके बेटे हरेंद्र कोर्राम की भी नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। उस समय सरकार ने मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और उनकी बेटी को पुलिस विभाग में नौकरी दी थी। पुलिस का कहना है कि यह घटना नक्सलियों की दहशत फैलाने की कोशिश है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षाबलों ने तेज किया अभियान
सुरक्षाबलों ने हाल के दिनों में नक्सल विरोधी अभियान और तेज कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद का सफाया करने का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत छत्तीसगढ़ समेत माओवाद प्रभावित राज्यों में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसका असर भी दिख रहा है। पिछले दो वर्षों में माओवादियों को बड़ा नुकसान हुआ है और उनकी केंद्रीय कमेटी के सदस्य भी अब घटकर 9-10 ही रह गए हैं। हाल ही में सुरक्षाबलों ने शीर्ष माओवादी नेता और प्रतिबंधित संगठन के महासचिव केशवराव उर्फ बसवा राजू को एनकाउंटर में मार गिराया था।
माओवादियों ने वार्ता के लिए जारी किया पत्र
इसी बीच, माओवादी केंद्रीय कमेटी के सदस्य अभय की ओर से जारी एक कथित पत्र सामने आया है। इसमें लिखा गया है कि बदले हालातों को देखते हुए संगठन ने अस्थायी तौर पर हथियार छोड़ने और शांति वार्ता की प्रक्रिया में शामिल होने का फैसला किया है। पत्र में कहा गया है कि वे राजनीतिक दलों और संघर्षरत संगठनों के साथ मिलकर जन मुद्दों पर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। साथ ही गृह मंत्री या उनके प्रतिनिधि से वार्ता के लिए भी संगठन ने अपनी सहमति जताई है।
एक तरफ नक्सलियों की वार्ता की पेशकश और दूसरी ओर निर्दोष ग्रामीण की हत्या ने इस पूरे घटनाक्रम को और पेचीदा बना दिया है। सुरक्षाबल फिलहाल घटनास्थल पर डटे हुए हैं और नक्सल विरोधी अभियान और तेज किए जाने के संकेत दिए गए हैं।





