प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 23 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ के बहुचर्चित बी-पार्ट शराब घोटाले में आरोपी 28 अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट की अग्रिम जमानत पर EOW की विशेष अदालत में पेश किया गया|
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी 28 अधिकारियों ने अग्रिम जमानत के कागजात कोर्ट में पेश किए। 1-1 लाख रुपए के जमानत पट्टा जमा करने के बाद सभी अधिकारियों को जमानत दे दी गई। उल्लेखनीय है कि सभी अधिकारियों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी।
घोटाले की जांच और आरोपी अधिकारियों की स्थिति:
- छत्तीसगढ़ में 2019 से 2023 के बीच 32 सौ करोड़ रुपए का बी-पार्ट शराब घोटाला हुआ।
- आबकारी विभाग से जुड़े 29 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से 7 रिटायर और बाकी 22 को सरकार ने निलंबित कर दिया है।
- आरोप है कि इन अधिकारियों ने 2019-2023 के बीच 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की।
- हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर सभी को शर्तों के साथ जमानत मिली।
EOW ने जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया है
जनार्दन कौरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद कुमार नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, विकास कुमार गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, नवीन प्रताप सिंह तोमर, मंजुश्री कसेर, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनिक, मोहित कुमार जायसवाल, नीतू नोतानी ठाकुर, गरीबपाल सिंह दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, प्रकाश पाल, अलेख राम सिदार, आशीष कोसम, ए.के. सिंह, राजेश जायसवाल, जे.आर. मंडावी, जी.एस. नुरुटी, देवलाल वैद्य, ए.के. अनंत, वेदराम लहरे, एल.एल. ध्रुव।
बी-पार्ट शराब घोटाले का मामला
- 2019-2023 के बीच 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी बिना ड्यूटी चुकाए शराब की समानांतर अवैध बिक्री करते रहे।
- बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर अन्य जिलों में अधिक खपत वाली दुकानों में अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी।
- डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के अधिकारी और मैनपावर एजेंसी के कर्मचारी इस नेटवर्क में शामिल थे।
घोटाले का आंकड़ा
- अब तक की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के अनुसार लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई।
- अनुमानित राशि 2174 करोड़ से बढ़कर अब 3200 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
जेल में बंद प्रमुख आरोपी
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल
- सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा
- होटल व्यवसायी अनवर ढेबर सहित कुल 15 लोग रायपुर सेंट्रल जेल में बंद।
- अब तक कुल 70 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें आठ डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं।





