प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 23 सितंबर 2025

प्रदेश के नगरीय निकायों में अब स्ट्रीट लाइटिंग (प्रकाश व्यवस्था) को बेहतर बनाने के लिए पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि का उपयोग किया जा सकेगा। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इन निधियों से किए जाने वाले कार्यों की सूची में नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत वार्षिक पात्रता राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सा प्रकाश व्यवस्था पर खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस संबंध में विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से प्रकाश व्यवस्था को भी शामिल किया जाए। विभाग ने इस पर त्वरित अमल करते हुए मंत्रालय से परिपत्र जारी कर सभी नगरीय निकायों तक पहुंचा दिया है।
हाल ही में 19 सितंबर को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों को कुल 102 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये की पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि जारी की है। इसमें पार्षद निधि के 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये तथा महापौर और अध्यक्ष निधि के 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपये शामिल हैं।
इस निर्णय से प्रदेश के नगरीय निकायों में स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।





