प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 24 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले में नई हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी मामले में सक्रियता बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार 24 सितंबर को रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपी चैतन्य बघेल को EOW द्वारा जारी प्रोडक्शन वारंट पर विशेष अदालत (ACB/EOW स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया। मंगलवार देर शाम EOW ने कोर्ट में आवेदन पेश किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद चैतन्य बघेल को भोजनावकाश के बाद जेल से अदालत लाया गया।
कोर्ट में पेश होते ही EOW ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और उसके पुलिस रिमांड की मांग की। अब यह देखना बाकी है कि अदालत EOW को कितने दिनों का रिमांड देती है।
चैतन्य बघेल पहले से ही ED की कार्रवाई में गिरफ्तार होकर रायपुर सेंट्रल जेल में बंद था। अब प्रोडक्शन वारंट के बाद उसे दोहरी जांच का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, गिरफ्तारी से बचने के लिए चैतन्य ने मंगलवार 23 सितंबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की है। हालांकि, इस याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी और निचली अदालत को प्राथमिकता से सुनवाई करने का आदेश दिया था।
विशेष अदालत में पेशी के दौरान EOW ने साफ संकेत दिए कि चैतन्य से पूछताछ जरूरी है, क्योंकि घोटाले में कई नए वित्तीय लेन-देन और अधिकारियों-व्यापारियों के बीच की सांठगांठ के सबूत सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि बघेल के बयान के आधार पर EOW अन्य बड़े चेहरों पर भी शिकंजा कस सकती है।





