प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 07 अक्टूबर 2025/ नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) परिसर में आज रजत जयंती वर्ष के अवसर पर सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने की।

संगोष्ठी में पूर्व कैबिनेट मंत्री व बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, सहकार भारती छत्तीसगढ़ महामंत्री कनिराम, अपेक्स बैंक प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता, सहकार भारती कार्यालय मंत्री सौरभ शर्मा, प्रगति महिला नागरिक सहकारी बैंक भिलाई की अध्यक्ष, अपेक्स बैंक प्रबंधक संचालक एवं अपर आयुक्त सहकारिता के०एन कान्डे समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
डा. उदय जोशी ने संगोष्ठी में कहा कि सहकारिता सामूहिक भागीदारी और जिम्मेदारी पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि सहकारिता को उसके सिद्धांतों के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। वर्ष 2025 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से एक बेहतर विश्व का निर्माण करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में ग्रामीण स्तर पर सहकारी समितियों के गठन और विकास पर भी प्रकाश डाला।
अपेक्स बैंक प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि राज्य गठन के समय 1333 पैक्स कार्यरत थे, जिन्हें पुनर्गठित कर 725 नई सोसाइटियों का गठन किया गया, जिससे कुल 2058 पैक्स संचालित हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में पैक्स की सदस्यता 30.26 लाख है, जिसमें 19.38 लाख किसान क्रेडिट कार्डधारी हैं। उन्होंने डिजिटलाइजेशन और ई-पैक्स मोड के माध्यम से सहकारी समितियों में लेन-देन की पारदर्शिता और किसानों को त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने पर भी प्रकाश डाला।
संगोष्ठी में राज्य सरकार, नाबार्ड और सहकारी बैंकों के संयुक्त प्रयासों से 2028 पैक्स के कंप्यूटरीकरण और डिजिटलाइजेशन की जानकारी दी गई। इसके अलावा वर्ष 2024-25 में 25 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 149 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी और 34349 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों के बैंक खातों में किए जाने का विवरण भी साझा किया गया।
संगोष्ठी में सहकार भारती के छत्तीसगढ़ महामंत्री कनिराम, अपेक्स बैंक के प्रबंधक संचालक के०एन कान्डे, डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरुण पुरोहित और अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। पीपीटी के माध्यम से सहकारी समितियों के विकास और योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
इस संगोष्ठी ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता के महत्व और उसके डिजिटलरण व सुदृढ़ीकरण की दिशा में राज्य सरकार एवं सहकारी बैंकों की प्रतिबद्धता को उजागर किया।



