हेल्थ डेस्क
रायपुर, 09 अक्टूबर 2025

रायपुर के मुंगेली जिले की रहने वाली एक 17 महीने की बच्ची, जिसका नाम मीतांसी है, पिछले 8 महीनों से एक गंभीर और दुर्बल कर देने वाली बीमारी से जूझ रही थी।
जब मीतांसी मात्र 9 महीने की थी, तब अचानक उसके पेट में सूजन दिखाई देने लगी। उसके परिवार के सदस्यों ने इसे शुरू में मामूली गैस की समस्या समझा और इसी वजह से वे स्थानीय गांव के डॉक्टर के पास प्राथमिक उपचार कराने गए।
इसके बाद भी मितांसी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ । दरअसल, यह बात सही थी कि इस गंभीर स्थिति की सही पहचान होनी आवश्यकता थी।
समय बीतने के साथ, परिवार ने उचित और बेहतर चिकित्सा उपचार की तलाश शुरू की, और रायपुर के कई अस्पतालों में इस मामले को लेकर दौड़भाग की, लेकिन किसी भी चिकित्सालय में उन्हें विशेष राहत नहीं मिली।
अंततः, मीतांसी को एमएमआई नारायणा अस्पताल रायपुर में लाया गया, जहां डॉक्टर देवव्रत ने उसकी स्थिति का गहनता से मूल्यांकन किया। जांच के बाद यह पता चला कि मीतांसी की बीमारी का कारण पेट में न्यूरोब्लास्ट्यूमा नामक एक प्रकार का कैंसर है, जो उसके पसलियों में भी फैल चुका था।
इस गंभीर स्थिति ने मीतांसी को दर्द में डाल दिया था, जिससे वह ठीक से खाना भी नहीं कर पा रही थी, और इस वजह से उसकी सेहत भी काफी कमजोर हो गई थी।
डॉक्टर देवव्रत ने मीतांसी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक सफल ऑपरेशन किया, जो उसकी बीमारी के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
इस ऑपरेशन के जरिए उम्मीद जताई गई कि मीतांसी अपनी सेहत में सुधार ला सकेगी और एक स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में कदम बढ़ा सकेगी। मीतांसी के पिता ने कहा कि हमारी बेटी को नया जीवन देने के लिए मैं पूरे NHMMI, अस्पताल परिवार को धन्यवाद देता हूं ।





