बिलासपुर, 05 नवंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। लाल खदान स्टेशन के पास गाड़ी संख्या 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे में मृतकों की पहचान का सिलसिला जारी है। अब तक पांच मृतकों के नाम और तस्वीरें सामने आई हैं — लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव।
देवरी खुर्द निवासी शीला यादव बहनिया मंदिर के पास रहती थीं, जबकि प्रिया चंद्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं और सक्ती जिले के बहेराडीह की रहने वाली थीं।
लोको पायलट विद्या सागर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के दौरान मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर शैलेश चंद्रा ने तेज गति से आती मेमू ट्रेन को देखकर कूदकर अपनी जान बचाई।
रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम ने लगभग 10 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। मंगलवार देर रात तक हैवी क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बोगियों को हटाया गया। रात 3 बजे तक शवों को बाहर निकालने का कार्य पूरा हुआ। इसके बाद मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया है।
इस हादसे में घायल 20 यात्रियों के नाम निम्नलिखित हैं —
मथुरा भास्कर (55), चौरा भास्कर (50), शत्रुघ्न (50), गीता देबनाथ (30), मेहनिश खान (19), संजू विश्वकर्मा (35), सोनी यादव (25), संतोष हंसराज (60), रश्मि राज (34), ऋषि यादव (2), तुलाराम अग्रवाल (60), अराधना निषाद (16), मोहन शर्मा (29), अंजूला सिंह (49), शांता देवी गौतम (64), प्रीतम कुमार (18), शैलेश चंद्र (49), अशोक कुमार दीक्षित (54), नीरज देवांगन (53), और राजेंद्र मारुति बिसारे (60)।
रेलवे ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को ₹5 लाख और सामान्य घायलों को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर कराई जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना गटौरा और बिलासपुर के बीच सिग्नल या लाइन-स्विचिंग से जुड़ी तकनीकी त्रुटि के कारण हुई बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।





