10 Mar 2026, Tue
Breaking

छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा की बड़ी छलांग: 3,500 करोड़ के निवेश से बनेंगे 8 बायोफ्यूल प्लांट, धान और मक्के से तैयार होगा इथेनॉल

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 09 नवंबर 2025
राज्य को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ तेजी से कदम बढ़ा रहा है। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) द्वारा राजधानी रायपुर स्थित श्रीराम बिजनेस पार्क में 7 से 9 नवंबर तक आयोजित बायोफ्यूल एंड बायो एनर्जी एक्सपो में राज्य के बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

प्राधिकरण के सीईओ सुमित सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को बायोफ्यूल उत्पादन में आत्मनिर्भर और निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में निजी कंपनियों द्वारा 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल (GAIL) और बीपीसीएल (BPCL) जैसी कंपनियों ने विभिन्न नगर निकायों में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस (CBG) संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। वहीं, ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन भी सीबीजी उत्पादन इकाइयों की स्थापना हेतु विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।

राज्य में धान, मक्का और चने के अवशेषों से बायोएथेनॉल और सीबीजी उत्पादन हेतु फीडस्टॉक परीक्षण चल रहा है। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट आधारित एंजाइम उत्पादन और माइक्रोबियल स्ट्रेन संवर्धन पर भी प्रयोग किए जा रहे हैं। सीबीडीए अब बायो-विमानन ईंधन के लिए बायोमास आधारित हाइड्रोजन उत्पादन की दिशा में कार्य कर रहा है, जिसे आगे चलकर हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर एंड फैटी एसिड (HEFA) तकनीक के माध्यम से एसएएफ (Sustainable Aviation Fuel) में परिवर्तित किया जाएगा।

सीबीडीए ने अधिशेष चावल से इथेनॉल उत्पादन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से दुर्ग जिले के ग्राम गोढ़ी स्थित बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स में चुकंदर आधारित वैकल्पिक फीडस्टॉक पर परीक्षण शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य भारत के 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देना है।

पढ़ें   CG में बड़ा प्रशासनिक फैसला: IAS अंकित आनंद को CRDA के CEO का अतिरिक्त प्रभार, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

सेमिनार के दौरान कई विशेषज्ञों ने बायोफ्यूल के तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं पर जानकारी साझा की —

  • गेल के सीजीएम मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर प्रस्तुतीकरण दिया।
  • बीपीसीएल के डीजीएम संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में सीबीजी की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम सुशील वर्मा ने धान से सीबीजी उत्पादन की प्रक्रिया समझाई।
  • डॉ. वनिता प्रसाद (REVY Environmental Solution Pvt Ltd) ने बायोगैस प्लांट संचालन पर,
  • राजेश दाते (Atrium Innovation Pvt Ltd, पुणे) ने एनेरोबिक कम्पोस्टिंग सिस्टम पर,
  • सुकांत कुमार मेहेर (IngroTech Aqua Engineers Pvt Ltd, संबलपुर) ने एसटीपी प्लांट से सीबीजी उत्पादन की संभावनाओं पर,
  • और जितेन्द्र नारायण (AEC Agritech Pvt Ltd) ने सीबीजी नीति, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग पर विस्तृत जानकारी दी।

इस एक्सपो और सेमिनार के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य न केवल पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में हरित ऊर्जा का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर रहेगा।

Share

 

 

 

 

 

By Desk

Media24 News is an online news portal based in Raipur, Chhattisgarh, India. It publishes local and regional news, covering a wide range of topics including politics, crime, social issues, development, events, and community stories from across Chhattisgarh. The website provides regularly updated news content in Hindi, aimed at informing the public with timely and relevant reports from the state’s districts and cities like Raipur, Durg, Mahasamund and others. This newsroom focuses on grassroots journalism and regional happenings, serving audiences who want updates about local governance, public affairs, social developments, and community issues specific to Chhattisgarh. The platform is designed to meet the news needs of its readers with frequent headlines and local reporting, helping citizens stay informed about events and issues close to their daily lives.

You Missed