मध्य प्रदेश, 11 नवंबर 2025। भारत में खेलों की दुनिया अब टेक्नोलॉजी के साथ नया रूप ले रही है। यूके की एआई और स्पोर्ट्स टेक कंपनी काबुनी (Kabuni) ने भारत में अपना अत्याधुनिक एआई स्पोर्ट टेक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो खिलाड़ियों को उनके हर मूवमेंट का रियल टाइम एनालिसिस और पर्सनलाइज्ड कोचिंग फीडबैक देगा — बिल्कुल किसी असली कोच की तरह।

काबुनी की खासियत यह है कि यह मशीन लर्निंग और बायोमैकेनिक्स तकनीक की मदद से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस को रिकॉर्ड कर तुरंत बताता है कि उनके एक्शन में क्या सही हुआ और कहाँ सुधार की जरूरत है। यह फीडबैक वीडियो, टेक्स्ट, फोटो और आवाज़ के रूप में तुरंत उपलब्ध कराया जाता है।
कंपनी का उद्देश्य है कि देश के हर बच्चे और खिलाड़ी को प्रोफेशनल लेवल की कोचिंग घर बैठे मिल सके — चाहे वह सड़क पर खेल रहा हो, स्कूल के मैदान में या किसी स्पोर्ट्स एकेडमी में।
पूर्व भारतीय कप्तान और काबुनी के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर सौरव गांगुली ने कहा,
“क्वालिटी कोचिंग बच्चों को तेज़ी से सीखने और फिट रहने में मदद करती है। पहले इस लेवल की कोचिंग सिर्फ प्रोफेशनल प्लेयर्स तक सीमित थी, लेकिन अब यह सबके लिए उपलब्ध होगी।”
काबुनी के को-फाउंडर और सीएफओ पैट्रिक बैडेनॉक ने कहा,
“चाहे आप गली में खेलें, स्कूल में या नेट्स पर – काबुनी हर खिलाड़ी को अपने गेम को रिकॉर्ड करने, पर्सनल फीडबैक पाने और अपनी प्रगति का आनंद लेने की आज़ादी देता है।”
यह प्लेटफॉर्म कैम्ब्रिज डिज़ाइन पार्टनरशिप के सहयोग से तैयार किया गया है, जो ह्यूमन परफॉर्मेंस और स्पोर्ट्स इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी है। काबुनी का लक्ष्य है कि कोचिंग “ग्रासरूट से लेकर एलीट लेवल तक” हर स्तर पर सटीक, सुरक्षित और सुलभ बने।
क्रिकेट से शुरुआत करने के बाद, काबुनी जल्द ही टेनिस, गोल्फ, बैडमिंटन, टेबल टेनिस जैसे अन्य खेलों में भी विस्तार करेगा। कंपनी का विज़न है कि परफॉर्मेंस, वेलनेस और फिटनेस को जोड़ते हुए एक मल्टी-स्पोर्ट डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया जाए।
सौरव गांगुली (‘दादा’) ने कहा,
“भारत में क्रिकेट एक धर्म है। काबुनी दुनिया का पहला ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम है, जो असली खेल को टेक्नोलॉजी के ज़रिए सीखने का हिस्सा बनाएगा और हर खिलाड़ी को अपने भीतर के एथलीट को पहचानने में मदद करेगा।”
काबुनी के फाउंडर और सीईओ नीमेश पटेल ने कहा,
“भारत का खेल भविष्य बेहद उज्ज्वल है। फिट इंडिया मूवमेंट, 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक को देखते हुए, हमारा लक्ष्य है अगले दस सालों में सौ करोड़ भारतीयों को ज़्यादा एक्टिव, ज़्यादा खेलने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना।”
काबुनी ने यह भी घोषणा की है कि वह भारत में अपनी कुल आय का 1% हिस्सा ग्रासरूट स्पोर्ट्स के विकास में लगाएगा — ताकि हर बच्चे को प्रोफेशनल कोचिंग और खेल के अवसर मिल सकें।





