रायगढ़, 18 नवंबर 2025।

“सफलता की कहानी, किसान की जुबानी”—प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए बनाई गई पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति अब मैदान में सफलता की कहानियों में बदल रही है। सरकार के द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी का निर्णय किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रहा है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत रायगढ़ जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का काम सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है। जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में इस वर्ष भी खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
ग्राम कोड़तराई के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। तीन भाई मिलकर 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष पहली ही बार में उनका टोकन जारी हुआ और उन्होंने 44 क्विंटल धान की बिक्री की।
उन्होंने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई आय से—
- बच्चों की उच्च शिक्षा
- कृषि उपकरणों की खरीद
- परिवार की जरूरतों की पूर्ति
- दैनिक खर्चों में राहत
- भविष्य की योजनाओं को मजबूती
—जैसे कई मोर्चों पर उनका परिवार मजबूत हुआ है। उन्होंने इसे सरकार द्वारा किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।
किसानों ने रायगढ़ जिले के धान खरीदी केंद्रों की उत्कृष्ट तैयारी और व्यवस्थाओं की सराहना की है। केंद्रों पर—
- छाया
- बैठने की सुविधा
- पीने के पानी की व्यवस्था
- सटीक तौल
- पर्याप्त बारदाना
—जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
सरल, सहज और पारदर्शी व्यवस्था के चलते पूरे जिले में किसानों के बीच संतोष और प्रसन्नता का माहौल है।
ग्राम कोड़तराई के किसानों सहित जिलेभर के किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह नीति उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है।



