जगदलपुर, 24 नवंबर 2025

साल 2025 माओवादी संगठन के लिए सिर्फ भारी नुकसान का वर्ष नहीं, बल्कि उनकी कमजोर पड़ती रणनीति का सबसे बड़ा सबूत बनकर सामने आया है। पहली बार माओवादी संगठन ने अपने ही दस्तावेज में यह स्वीकार किया है कि पिछले एक साल में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और ऑपरेशनों के कारण संगठन का बड़ा हिस्सा खत्म हो चुका है।
PLGA की 25वीं वर्षगांठ पर माओवादियों की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने 17 पन्नों की बुकलेट जारी की है। इसमें दिसंबर 2024 से नवंबर 2025 तक 320 माओवादियों के मारे जाने का उल्लेख किया गया है। यह आंकड़ा संगठन की गिरती ताकत और विफल होती रणनीति को बयां करता है।
बुकलेट में बताया गया है कि मारे गए लोगों में पोलित ब्यूरो महासचिव बसवराजू और 8 केंद्रीय समिति सदस्य शामिल हैं। साथ ही, 15 स्टेट कमेटी सदस्यों के खत्म होने की भी पुष्टि की गई है, जिससे शीर्ष नेतृत्व में बड़ा खालीपन दिखाई दे रहा है।
वर्षगांठ का ऐलान, लेकिन जमीन पर पकड़ ढीली
संगठन ने 2 से 8 दिसंबर तक PLGA की 25वीं वर्षगांठ मनाने का ऐलान किया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि माओवादी नेतृत्व का इतने बड़े नुकसान को स्वीकार करना उनकी अंदरूनी टूटन, गिरती क्षमता और रणनीतिक असफलता का स्पष्ट संकेत है।
सुरक्षा बलों का मानना है कि यह परिणाम उनकी निरंतर रणनीति, सटीक इंटेलिजेंस और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ का प्रमाण है। माओवादियों का अपना दस्तावेज भी अब यह स्वीकार कर रहा है कि जमीन पर उनकी पकड़ लगातार कमजोर हो रही है।





