नई दिल्ली, 29 नवंबर 2025
बिहार चुनाव के नतीजे सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम को लेकर हलचल तेज हो गई है। संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया पिछले साल से लंबित है और अब संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी जल्द ही इस दिशा में कदम बढ़ा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, रविवार को नई दिल्ली में BJP की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटते ही वरिष्ठ नेताओं की यह बैठक पार्टी मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। इसे राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद जून 2023 से रिक्त है, हालांकि जेपी नड्डा को लोकसभा और कुछ विधानसभा चुनावों को देखते हुए विस्तार दिया गया था।
29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और कुछ अन्य प्रमुख राज्यों में यह प्रक्रिया अभी बाकी है।
इधर बिहार में दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा तेज है।
मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक हलकों में कई नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं—
- धर्मेंद्र प्रधान – संगठन व RSS से मजबूत जुड़ाव, सबसे आगे माने जा रहे
- भूपेंद्र यादव – पार्टी के प्रमुख OBC चेहरे, संगठनात्मक रूप से बेहद सक्रिय
- शिवराज सिंह चौहान – लंबे समय के सीएम, जमीनी पकड़ मजबूत
- मनोहर लाल खट्टर – संगठन के भरोसेमंद चेहरे में शामिल
- केशव प्रसाद मौर्य – यूपी से OBC लीडरशिप को साधने वाला नाम
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नया राष्ट्रीय अध्यक्ष 14 जनवरी 2026 के बाद, खरमास समाप्त होते ही चुना जा सकता है।
रविवार की बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
बुधवार को संसद भवन में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने बिहार की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तालियों से स्वागत किया।
पीएम ने NDA गठबंधन को “ऑर्गेनिक, स्थिर और चुनाव बाद भी मजबूत” बताया।
इसके बाद जेपी नड्डा ने बिहार जीत में योगदान देने वाले नेताओं के सम्मान में अपने आवास पर रात्रिभोज का आयोजन किया।
बिहार चुनाव के बाद बीजेपी में नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। अब निगाहें रविवार की दिल्ली बैठक और प्रधानमंत्री की वापसी के बाद होने वाले संगठनात्मक फैसलों पर टिकी हैं।
पार्टी में बड़े बदलाव जल्द दिख सकते हैं।





