प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 10 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज रायपुर के जयस्तंभ चौक में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और उनके त्याग, संघर्ष तथा न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदेश की अमूल्य धरोहर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और सामाजिक न्याय का अनुपम उदाहरण है। अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के खिलाफ जिस निर्भीकता से उन्होंने संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवशाली इतिहास यात्रा का स्वर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए बलिदान और वंचितों के प्रति समर्पण की उनकी भावना आज भी प्रेरणास्रोत है।
साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बावजूद वीर नारायण सिंह हमेशा आदिवासियों, किसानों और गरीबों के साथ खड़े रहे। 1856 के भयंकर अकाल के दौरान भूख से तड़प रहे लोगों के लिए उन्होंने अनाज गोदाम का अनाज वितरित कर मानवता और साहस का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय और शोषण के खिलाफ एक ऐतिहासिक उद्घोष था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध के प्रतीक हैं। उनके संघर्ष और मूल्य आने वाली पीढ़ियों को न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद के सपनों और आदर्शों के अनुरूप प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।





