प्रमोद मिश्रा
कसडोल, 26 दिसंबर 2025

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण गुरुवार को किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी परिसरों का एक साथ वर्चुअल उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम से कसडोल नगर पंचायत सहित राज्य के 115 नगरीय निकाय जुड़े रहे।
कसडोल में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम को भाजपा जिला उपाध्यक्ष नंद वर्मा, जिला मंत्री मेलाराम साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू, नपा उपाध्यक्ष डॉ. सुदीप मानिकपुरी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे और देश के विकास को नई दिशा देने वाली कई ऐतिहासिक योजनाओं के प्रणेता रहे। उन्हें अजातशत्रु के रूप में भी याद किया जाता है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार में कसडोल नगर का तेज़ी से विकास होगा और वार्डवासियों की मांग के अनुरूप कार्य कराए जाएंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू ने मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि हाल ही में अधोसंरचना विकास के लिए लाखों रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इससे रिंग रोड और कॉलेज रोड पर जगमगाती लाइटों के कारण आवागमन में सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान सुशासन तिहार के अंतर्गत लगाए गए स्टॉल में नपा उपाध्यक्ष डॉ. सुदीप मानिकपुरी ने कृषि, खाद्य, नगर पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, आवास सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर प्रदेश मंत्री श्याम बाई साहू, पूर्व पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि संतोष वैष्णव, प्रदेश मंत्री मोरध्वज पैकरा, पनका समाज प्रदेशाध्यक्ष भरतदास मानिकपुरी, किसान मोर्चा जिला कोषाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल, अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश निराला, पिछड़ा वर्ग मंडल अध्यक्ष दिलहरण जायसवाल, गणेश शंकर साहू, रामचन्द्र ध्रुव, गोटिलाल साहू, अनिल श्रीवास, सीएमओ मनीष वारे सहित सभापति और पार्षद उपस्थित रहे।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सुशासन तिहार के तहत वार्डवासियों से कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 28 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जबकि 12 आवेदनों पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अधिकतर आवेदन आवास, राशन कार्ड, महतारी वंदन योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित थे।





