बस्तर | 02 जनवरी 2026

नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। माओवादी संगठन की सबसे खतरनाक और सक्रिय इकाई मानी जाने वाली बटालियन नंबर-1 का कुख्यात कमांडर बारसे देवा अपने करीब 40 सशस्त्र माओवादियों के साथ तेलंगाना में आत्मसमर्पण करने जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बारसे देवा के नेतृत्व में ये सभी माओवादी नेशनल पार्क एरिया (बस्तर) से निकलकर तेलंगाना पहुंच चुके हैं और अगले एक-दो दिनों में वे तेलंगाना के DGP के सामने औपचारिक रूप से सरेंडर करेंगे।
बारसे देवा को माओवादी संगठन का हार्डकोर रणनीतिक कमांडर माना जाता है। वह बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा क्षेत्र में कई बड़े हमलों की योजना और क्रियान्वयन से जुड़ा रहा है।
उसकी बटालियन नंबर-1 माओवादियों की सबसे प्रशिक्षित और हथियारबंद यूनिट मानी जाती है।
बीते एक साल में छत्तीसगढ़, तेलंगाना और केंद्र सरकार की संयुक्त कार्रवाई से माओवादियों पर भारी दबाव बना है।
- बड़े कैडर ढेर हुए
- सप्लाई लाइन टूटी
- सुरक्षित ठिकानों पर कब्जा हुआ
- और अब नेतृत्व स्तर पर भगदड़ मच गई है
इसी दबाव का नतीजा माना जा रहा है कि इतने बड़े स्तर पर सामूहिक आत्मसमर्पण होने जा रहा है।
यह घटनाक्रम केंद्र और राज्य सरकार के उस लक्ष्य से जुड़ा है, जिसके तहत मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का रोडमैप तैयार किया गया है।
बारसे देवा जैसे बड़े चेहरे का सरेंडर इस अभियान को निर्णायक मोड़ पर ला सकता है।
इस खबर के बाद बस्तर, सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। आशंका है कि कुछ माओवादी गुट आत्मसमर्पण रोकने के लिए हिंसक कोशिश कर सकते हैं।





