छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल कोयला खदान के विरोध के दौरान महिला आरक्षक के साथ हुई बर्बरता मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान कर उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
एसपी दिव्यांग पटेल ने साफ कहा है कि

“महिला पुलिसकर्मी के साथ बर्बरता करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। वीडियो फुटेज के आधार पर एक-एक आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी होगी।”
यह घटना 27 दिसंबर 2025 को तमनार के लिबरा चौक पर हुई, जब JPL कोयला खदान के खिलाफ आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की भीड़ बेकाबू हो गई।
करीब 1000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर जाम कर रहे थे। प्रशासन द्वारा समझाइश के बावजूद भीड़ उग्र होती गई।
करीब 2:30 बजे हालात बेकाबू हो गए—
भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज शुरू हुआ।
इसी दौरान एक महिला आरक्षक को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, उसके कपड़े फाड़े गए, और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।
उग्र भीड़ ने
- पुलिस बस
- सरकारी जीप
- एंबुलेंस
को आग के हवाले कर दिया।
इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट पहुंची, जहां
- कन्वेयर बेल्ट
- ट्रैक्टर
- दफ्तर
सब तोड़ दिए गए और आग लगा दी गई।
चार दिन बाद सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग महिला आरक्षक को घेरकर उसके कपड़े फाड़ रहे हैं। इसी वीडियो के आधार पर अब गिरफ्तारियां हो रही हैं।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि
- सभी आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज होगा
- वीडियो में दिखने वाला हर चेहरा अब पुलिस के रडार पर है
- जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी
हिंसा के बाद जिंदल कंपनी ने जनसुनवाई रद्द करने का फैसला लिया है।





