प्रमोद कुमार
रायपुर, 08 जनवरी 2026

भारत की मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी क्षमता को नई ऊंचाई देने वाली बड़ी पहल के तहत रुनाया मेटसोर्स और जर्मनी की वैश्विक दिग्गज कंपनी एकार्ट के संयुक्त उपक्रम ने ओडिशा के झारसुगुड़ा में देश की पहली गैस-एटोमाइज़्ड एल्युमीनियम पाउडर यूनिट शुरू करने की घोषणा की है। यह इकाई “रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर प्राइवेट लिमिटेड (आरईएल)” के नाम से स्थापित की गई है।
इस अत्याधुनिक संयंत्र में पर्यावरण के अनुकूल, गोल आकार के उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमीनियम पाउडर तैयार किए जाएंगे, जो अब तक पूरी तरह विदेशों से आयात होते थे। इन पाउडरों का इस्तेमाल एयरोस्पेस, अंतरिक्ष यान, सौर ऊर्जा, हाई-एंड ऑटोमोबाइल, रासायनिक उत्प्रेरक और सजावटी रंगद्रव्यों जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में किया जाएगा।
संयंत्र में इस्तेमाल की जाने वाली उच्च सटीकता वाली एटोमाइजेशन तकनीक के जरिए पिघले हुए एल्युमीनियम को निष्क्रिय वातावरण में सूक्ष्म गोल कणों में बदला जाता है। इससे करीब 15 माइक्रोन औसत आकार का बेहद बारीक और एकसमान पाउडर तैयार होता है, जिसे ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक कस्टमाइज़ भी किया जा सकता है। यहां विशेष एलॉय पाउडर भी बनाए जाएंगे, जो भविष्य की एडवांस्ड इंजीनियरिंग इंडस्ट्री की मांग पूरी करेंगे।
इन गोलाकार पाउडरों का उपयोग
- हाई-परफॉर्मेंस पेंट और कोटिंग्स
- विमान और वाहन निर्माण
- सोलर सेल के बैक-साइड पेस्ट
- केमिकल कैटेलिस्ट
- हीट-रेसिस्टेंट मटीरियल
- टाइटेनियम डाइऑक्साइड निर्माण
जैसे अहम क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे उत्पादों की मजबूती, दक्षता और लाइफ में बड़ा सुधार होगा।
रुनाया के प्रबंध निदेशक नैवेद्य अग्रवाल ने कहा कि यह संयंत्र भारत को साधारण धातु आपूर्तिकर्ता से आगे बढ़ाकर हाई-वैल्यू इंजीनियर्ड मटीरियल के निर्माता के रूप में स्थापित करेगा। वहीं, एकार्ट के सीईओ डॉ. क्रिश्चियन प्रिज़िबायला ने इसे तकनीक, सतत विकास और नवाचार का सशक्त संगम बताया।
अब तक जो एल्युमीनियम पाउडर विदेशों से मंगाए जाते थे, वे देश में ही बनने से
- लागत घटेगी
- डिलीवरी तेज होगी
- रणनीतिक उद्योगों की सप्लाई चेन मजबूत होगी
यह परियोजना भारत को एयरोस्पेस, सोलर एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत करेगी। 🚀





