दंतेवाड़ा | 9 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में शांति की सुबह अब और करीब आ गई है। सरकार के “पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन)” अभियान को जबरदस्त कामयाबी मिली है। 36 इनामी माओवादियों सहित कुल 64 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन सभी पर 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

ये वही नक्सली हैं जो वर्षों से आईईडी ब्लास्ट, पुलिस पर हमले, एम्बुश, आगजनी और हत्याओं जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
आत्मसमर्पण करने वालों में कई डीवीसीएम, एरिया कमेटी सदस्य, प्लाटून कमांडर और मिलिट्री कंपनी के कैडर शामिल हैं। इनमें:
- 7 नक्सली – 8-8 लाख के इनामी
- 7 नक्सली – 5-5 लाख के इनामी
- 8 नक्सली – 2-2 लाख के इनामी
- 11 नक्सली – 1-1 लाख के इनामी
- 3 नक्सली – 50-50 हजार के इनामी
कुल मिलाकर 36 खूंखार इनामी नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़ चुके हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में
18 महिला और 45 पुरुष माओवादी शामिल हैं, जो:
- दरभा डिवीजन
- पश्चिम बस्तर
- दक्षिण बस्तर
- माड़ क्षेत्र
- ओडिशा बॉर्डर एरिया
में सक्रिय थे।
इन सभी ने डीआरजी कार्यालय, दंतेवाड़ा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सीआरपीएफ अफसरों के सामने हथियार डाले।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा—
“पूना मारगेम अब सिर्फ योजना नहीं, बल्कि बस्तर के लिए शांति, सम्मान और पुनर्जन्म का रास्ता बन चुका है।”
भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार, CRPF और जिला प्रशासन मिलकर अब नक्सलियों को हथियार छोड़कर सम्मानजनक जीवन की ओर ला रहे हैं।
- 572 से ज्यादा माओवादी अब तक आत्मसमर्पण कर चुके हैं
- इनमें 201 इनामी नक्सली शामिल
- लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक
1224 नक्सली, जिनमें 369 इनामी, मुख्यधारा में लौटे
दंतेवाड़ा पुलिस ने साफ संदेश दिया—
“हिंसा छोड़िए, सम्मान से जिएं।
पूना मारगेम और लोन वर्राटू आपके लिए खुले दरवाजे हैं।”





