प्रमोद कुमार
रायपुर, 16 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और सर्वसमाज के उत्थान को समर्पित छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां स्वर्ण केंद्रीय अधिवेशन 18 जनवरी को राजधानी रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर एक भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के प्रख्यात कवि शामिल होंगे।

यह आयोजन बूढ़ा तालाब स्थित सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में रविवार 18 जनवरी 2026 को शाम 6:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इस स्वर्ण अधिवेशन में प्रदेश के 22 जिलों की इकाइयों से लगभग 5000 प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज करीब 400 वर्ष पूर्व 1627 ईस्वी में मुगल अत्याचारों से बचकर छत्तीसगढ़ आया और यहां की संस्कृति, परंपरा और त्योहारों को आत्मसात कर पूर्णतः छत्तीसगढ़िया बन गया।
उन्होंने कहा कि समाज को छत्तीसगढ़ महतारी से जो स्नेह मिला, उसके बदले समाज ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, धार्मिक स्थलों और सामाजिक संस्थानों के निर्माण के माध्यम से प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी कर्मभाव के कारण समाज को ‘दाऊ’ की सम्मानजनक पहचान मिली।
अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष का अधिवेशन छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता को समर्पित है। कार्यक्रम में आदिवासी, कुर्मी, यादव, तेली, निषाद, सोनकर सहित सभी छत्तीसगढ़ी समाजों तथा अन्य प्रदेशों से आकर छत्तीसगढ़ को कर्मभूमि बनाने वाले लोगों को आमंत्रित किया गया है।
अधिवेशन में सामाजिक समरसता, वृद्धाश्रम (वानप्रस्थ) निर्माण, स्वास्थ्य और यातायात पर जन-जागरण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
स्वर्ण अधिवेशन के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश के प्रसिद्ध कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। सम्मेलन में शामिल प्रमुख कवि—
- डॉ. शशिकांत यादव (देवास) – संचालन
- डॉ. हरिओम पवार (मेरठ) – वीर रस
- शंभु शिखर (बिहार) – हास्य व्यंग्य
- पार्थ नवीन (प्रतापगढ़) – पैरोडी
- रमेश विश्वहास (छत्तीसगढ़) – गीत
- योगिता चौहान (आगरा) – गीत-गजल
- भरत द्विवेदी (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज महाराजा अग्रसेन के वंशज हैं, जो अपनी दानशीलता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के लिए जाने जाते हैं। समाज ने रायपुर और प्रदेश में कई धर्मशालाएं, गौशालाएं, शैक्षणिक और सामाजिक संस्थान स्थापित कर समाज सेवा की मिसाल पेश की है।
छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने प्रदेशवासियों से इस स्मरणीय साहित्यिक संध्या में शामिल होकर सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील की है।





