कवर्धा, 30 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने आई एक आदिवासी युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डायलिसिस के दौरान स्टाफ ने बीच में ही मशीन बंद कर दी, जिससे युवती की तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
मृतका की पहचान भगवती धुर्वे (19 वर्ष), निवासी ग्राम चरखुरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। बेटी को बचाने के लिए पिता उसे कंधे पर उठाकर ऑपरेशन थिएटर की ओर दौड़े, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही युवती ने दम तोड़ दिया।
10 महीने से बंद पड़ी डायलिसिस मशीन
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में कुल 6 मशीनें हैं, जिनमें से एक मशीन मार्च 2025 से बंद पड़ी है। करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद मशीन की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिजनों का आक्रोश, अस्पताल में हंगामा
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।
फिलहाल मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, वहीं परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।



