प्रमोद कुमार
रायपुर, 01 फ़रवरी 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए इसे “युवा शक्ति-प्रेरित विकसित भारत का रोडमैप” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट तेज आर्थिक विकास, सेवा क्षेत्र और युवाओं के रोजगार पर विशेष फोकस तथा क्रमिक वित्तीय समेकन का संतुलित प्रयास है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 12 वर्षों में सरकार ने स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और नियंत्रित महंगाई सुनिश्चित की है, जिससे बीते एक दशक में करीब 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं।
बजट में वित्तीय घाटा 2026-27 के लिए GDP का 4.3% निर्धारित किया गया है, जो 2025-26 के संशोधित 4.4% से कम है। साथ ही 2030-31 तक केंद्र का ऋण-GDP अनुपात 50±1% तक लाने का लक्ष्य दोहराया गया है।
ऋण अनुपात 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है, जो 2025-26 में 56.1% था। मंत्री ने कहा कि कम कर्ज से प्राथमिक क्षेत्रों में खर्च के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
कुल व्यय 2026-27 में ₹53.5 लाख करोड़, नॉन-डेब्ट रिसीट ₹36.5 लाख करोड़ और शुद्ध कर राजस्व ₹28.7 लाख करोड़ अनुमानित है।
सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ होगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को और मजबूती मिलेगी। नेट मार्केट बॉरोइंग ₹11.7 लाख करोड़ और ग्रॉस बॉरोइंग ₹17.2 लाख करोड़ तय की गई है।
वित्त मंत्री ने बजट को तीन “कर्तव्य” में बांटा—
तेज और सतत विकास, आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण, तथा सबका साथ, सबका विकास के जरिए समावेशी विकास।
बजट में मैन्युफैक्चरिंग, MSME, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा सुरक्षा और City Economic Regions (CERs) के विस्तार पर खास फोकस किया गया है।
- बायोफार्मा SHAKTI – ₹10,000 करोड़ की 5 वर्षीय योजना, भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 – इक्विपमेंट, मटेरियल, इंडियन IP और रिसर्च पर जोर
- इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट बढ़ाकर ₹40,000 करोड़
- ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर
- राज्यों में तीन नए केमिकल पार्क
कैपिटल गुड्स सेक्टर के लिए हाई-टेक टूल रूम, निर्माण उपकरण योजना और ₹10,000 करोड़ की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग स्कीम की घोषणा की गई।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नेशनल फाइबर स्कीम, क्लस्टर आधुनिकीकरण, Tex-Eco ग्रीन पहल, समर्थ 2.0, मेगा टेक्सटाइल पार्क और खादी-ग्राम उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- 2014-15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2026-27 में ₹12.2 लाख करोड़ Capex
- इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड
- CPSE रियल एस्टेट का REIT आधारित मोनेटाइजेशन
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर – डानकुनी से सूरत
- 20 नए नेशनल वॉटरवे, शुरुआत NW-5 (ओडिशा) से
सात प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, जिनमें
मुंबई–पुणे, हैदराबाद–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी शामिल हैं।
प्रत्येक City Economic Region को 5 वर्षों में ₹5,000 करोड़ तक की सहायता मिलेगी।
- विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर हाई लेवल कमेटी
- PFC और REC का पुनर्गठन
- FEMA नियमों की व्यापक समीक्षा
MSME के लिए:
- ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड
- आत्मनिर्भर भारत फंड के लिए ₹2,000 करोड़ अतिरिक्त
- TReDS प्लेटफॉर्म और कॉरपोरेट मित्र पहल
- Education to Employment & Enterprise समिति
- 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी 10% करने का लक्ष्य
- AI आधारित शिक्षा और स्किलिंग
मुख्य क्षेत्र:
स्वास्थ्य, मेडिकल टूरिज्म, AYUSH, AVGC / ऑरेंज इकॉनमी,
यूनिवर्सिटी टाउनशिप, STEM में छात्रावास, खगोल विज्ञान परियोजनाएं
- 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास
- नारियल, काजू, कोको जैसी उच्च मूल्य फसलें
- किसानों के लिए Bharat-VISTAAR AI टूल
- महिलाओं के लिए SHE-Marts
दिव्यांगजन योजनाएं:
- दिव्यांगजन कौशल योजना
- दिव्यांग सहारा योजना
- NIMHANS-2, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार
- पूर्वोदय योजना और पूर्वोत्तर बौद्ध सर्किट
- आयकर अधिनियम 2025, लागू 1 अप्रैल 2026 से
- TDS–TCS में राहत, सरल ITR
- FAST-DS योजना
- छोटे अपराधों का अपराधीकरण समाप्त
- MAT को 14% फाइनल टैक्स के रूप में लागू
- महत्वपूर्ण खनिजों पर ड्यूटी में छूट
- 17 जीवनरक्षक कैंसर दवाएं टैक्स फ्री
- कूरियर निर्यात सीमा खत्म
- AI आधारित कस्टम्स स्कैनिंग
- GST प्रक्रियाओं का सरलीकरण
वित्त मंत्री ने अपने भाषण के अंत में गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की “संकल्प” को दोहराते हुए बजट को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया और “जय हिंद” के नारे के साथ भाषण समाप्त किया 🇮🇳





