प्रमोद कुमार
रायपुर, 21 फरवरी 2026

नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान रखने वाले सुकमा जिला से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जिले के 35 युवा (16 युवतियां और 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने के लिए चेन्नई रवाना हुए। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में चल रहे प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर विदा किया गया। युवाओं में उत्साह, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद साफ दिखाई दी।
जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के लिए चेन्नई स्थित ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज के साथ एमओयू किया है। इसके जरिए सुदूर अंचलों के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में काम करने का अवसर मिल रहा है। अब तक अवसरों की कमी से जूझ रहे युवाओं को पहली बार प्रतिस्पर्धात्मक मंच मिला है।
चयनित युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिले से बाहर रोजगार मिलने पर युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना मजबूत हुई है।
ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा निवासी सोड़ी बसंती ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। वहीं बोरगुड़ा की सोनिया नुप्पो ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का माध्यम है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का प्रत्येक युवा कौशलयुक्त बने और उसे बेहतर आजीविका का मंच मिले।
जिला प्रशासन भविष्य में भी रोजगार मेलों, कौशल विकास प्रशिक्षण और उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम करता रहेगा। यह पहल सुकमा को नक्सल प्रभावित पहचान से आगे बढ़ाकर एक आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज प्रभारी कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





