सतीश शर्मा
बलौदा बाजार, 29 मार्च 2026। वन विभाग द्वारा डीएफओ गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में संचालित ‘युवान’ पहल के तहत रविवार सुबह लवन क्षेत्र के करदा टैंक में विशेष बर्ड वॉक का आयोजन किया गया। सुबह 6:30 बजे शुरू हुए इस प्रकृति भ्रमण में प्रतिभागियों ने करीब 4 किलोमीटर के क्षेत्र में पक्षियों का अवलोकन किया।

पक्षी विशेषज्ञ हेमंत वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता से जोड़ना था। कुल 9 प्रतिभागियों ने इस बर्ड वॉक में भाग लिया, जिन्हें पक्षियों की पहचान के वैज्ञानिक तरीकों जैसे बर्ड कॉल, उड़ान शैली, व्यवहार और आवास के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
104 प्रजातियों का रिकॉर्ड इस बर्ड वॉक के दौरान कुल 104 प्रजातियों के पक्षियों का दस्तावेजीकरण किया गया, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। जलाशय, घासभूमि और वृक्षीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्षी देखे गए।
दुर्लभ प्रजातियों ने बढ़ाया आकर्षण इस दौरान इंडियन ईगल आउल और मॉटल्ड वुड आउल जैसी दुर्लभ प्रजातियां भी देखी गईं। विशेष रूप से 6 मॉटल्ड वुड आउल का एक साथ दिखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभिन्न आवासों में दिखे पक्षी जलाशय में बड़ी संख्या में जलपक्षी जैसे लेसर व्हिस्लिंग डक, कॉटन पिग्मी गूज, यूरेशियन कूट और बार-हेडेड गूज देखे गए। वहीं घासभूमि में लैपविंग, प्लोवर और फ्रैंकोलिन जैसे पक्षी सक्रिय रहे। पेड़ों और खुले क्षेत्रों में कोयल, हूपो, बी-ईटर, इंडियन रोलर, ड्रोंगो और बुलबुल जैसी प्रजातियां नजर आईं।
शिकारी पक्षियों की भी मौजूदगी ओस्प्रे, शिक्र, ब्लैक काइट और ओरिएंटल हनी-बज़र्ड जैसे शिकारी पक्षियों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र के संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाया।
पक्षी विशेषज्ञ हेमंत वर्मा ने बताया कि करदा टैंक की घासभूमियां लैपविंग जैसे पक्षियों के प्रजनन के लिए और ऊंचे वृक्ष शिकारी पक्षियों के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि इंडियन ईगल आउल और मॉटल्ड वुड आउल की मौजूदगी इस क्षेत्र के सुरक्षित और समृद्ध आवास का प्रमाण है।
कार्यक्रम में नरेन्द्र वर्मा, जीवन लाल यादव, टिकेश्वर निषाद, सचिन मनहरे, कृष्णा पैकरा, अंजू वर्मा, तनिषा पटेल, तिनेश्वरी वर्मा और एरिक मलाकी शामिल रहे।
वन विभाग की ‘युवान’ पहल का उद्देश्य युवाओं को प्रकृति से जोड़कर उन्हें जैव विविधता के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना है।



