सतीश शर्मा
रायपुर, 30 मार्च 2026

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए गर्व और खुशी का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक जागरूक और प्रबुद्ध समाज रहा है, जिसने देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी शासन-प्रशासन और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणादायक रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़े लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं।”
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के बजट में सीजी वायु योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा, साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसानों के उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
कार्यक्रम में नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिलेगी।
वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि मंगल भवन का निर्माण समाज के सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने कहा, “माता कौशल्या की पावन भूमि पर यह भवन बनना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा।”
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।
कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण न केवल समाज की एकजुटता का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक नया मंच भी साबित होगा।



