सतीश शर्मा
रायपुर, 02 अप्रैल 2026/ एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस फैसले पर दिवंगत रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने संतोष जताते हुए कहा कि आखिरकार उनके परिवार को न्याय मिला है और सत्य की जीत हुई।

सतीश जग्गी ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। सीबीआई ने साक्ष्य जुटाकर अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया। उन्होंने कहा कि हत्या के तुरंत बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन बाद में एक फर्जी आरोपी को पेश कर उनकी एफआईआर को शून्य कर दिया गया था।
सतीश जग्गी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह का आभार व्यक्त किया और कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि 23 साल का लंबा संघर्ष आसान नहीं था। साधारण परिवार को प्रभावशाली और संपन्न परिवार से न्याय की लड़ाई लड़नी पड़ी, जिसमें कई चुनौतियां और दबाव आए। लेकिन अंततः केवल सत्य की जीत हुई और यही उनके पिता को सच्ची श्रद्धांजलि है।



