जगदलपुर, 24 अप्रैल 2026
बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ पांडुलिपि सर्वे अभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक खोज सामने आई है। ग्राम पंचायत बेसोली के बोड़नपाल और ग्राम पंचायत कोलचुर में प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपियां मिली हैं, जिन्हें लंबे समय से ग्रामीणों ने सुरक्षित रख रखा था।

सर्वे टीम के अनुसार, ये पांडुलिपियां अत्यंत पुरानी हैं और इनमें चिकित्सा विज्ञान, ज्योतिष, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि इन दस्तावेजों में उस समय की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी विस्तृत उल्लेख हो सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि इन दुर्लभ पांडुलिपियों की भाषा, काल और विषयवस्तु की सटीक पहचान के लिए विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई जाएगी। इसके बाद इनके ऐतिहासिक महत्व का आकलन किया जाएगा।
सर्वे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आज भी कई परिवारों के पास पुराने दस्तावेज और पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे सामने नहीं आ पातीं। ‘ज्ञानभारतम’ अभियान का उद्देश्य ऐसे सभी प्राचीन ज्ञान को खोजकर संरक्षित करना है।
प्रशासन ने इन पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ इनके डिजिटलाइजेशन की भी योजना बनाई है, ताकि शोधकर्ता और आने वाली पीढ़ियां इस दुर्लभ ज्ञान का अध्ययन कर सकें।
बस्तर में मिली यह खोज ‘ज्ञानभारतम’ अभियान की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में और भी ऐतिहासिक दस्तावेज सामने आ सकते हैं, जो क्षेत्र के गौरवशाली अतीत को उजागर करेंगे।



