सतीश शर्मा
रायपुर, 05 मई 2026

एक बड़ी कार्रवाई में रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सरकारी स्कूल के शिक्षक और निजी स्कूल के क्लर्क को फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर लगभग 1.5 करोड़ रुपए की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के नाम पर नकली आदेश बनाकर करीब तीन दर्जन युवाओं को ठगा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश शर्मा (53) और मनोज कुमार श्रीवास्तव (52) के रूप में हुई है, जो राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के निवासी हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 5 मार्च 2026 की तारीख वाले फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किए, जिन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नाम से जारी बताया गया। इन आदेशों में परिवहन, राजस्व, आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती का दावा किया गया था। दस्तावेजों में सचिव और उप सचिव के डिजिटल फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें असली जैसा दिखाया गया।
मामला तब सामने आया जब सामान्य प्रशासन विभाग के राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल 2026 को राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप पर फर्जी आदेश वायरल हो रहे हैं और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने FIR दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल डेटा के विश्लेषण से जांच टीम आरोपियों तक पहुंची और राजेश शर्मा को डोंगरगढ़ से हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कर्ज और आर्थिक तंगी के कारण उसने यह साजिश रची। बाद में उसने मनोज श्रीवास्तव को साथ जोड़कर कंप्यूटर के जरिए फर्जी आदेश तैयार कराए और व्हाट्सएप पर प्रसारित किए।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कम से कम 34 लोगों से पैसे वसूले। एक मामले में भिलाई की महिला से 1.9 लाख रुपए लिए गए, जिन्हें शिकायत के बाद वापस कर दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कंप्यूटर सेट, मॉनिटर, CPU, कीबोर्ड, माउस और प्रिंटर जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल अपराध में हुआ।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों ने कहा कि यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण है और लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी से जुड़े किसी भी ऑफर को आधिकारिक स्रोत से सत्यापित किए बिना पैसे न दें।



