सतीश शर्मा
रायपुर, 08 जून 2026

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पंजीकृत) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ के पर्यावरण कार्यकर्ता अमिताभ दुबे को ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। देशभर से चयनित पांच पर्यावरण योद्धाओं में शामिल अमिताभ दुबे को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
अमिताभ दुबे पिछले 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में संचालित ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के 3000 से अधिक सदस्य प्रदेशभर में पर्यावरण जागरूकता और संरक्षण अभियानों से जुड़े हुए हैं। संगठन का विस्तार 17 जिलों और 25 से अधिक गांवों तक हो चुका है।
ग्रीन आर्मी द्वारा अब तक प्रदेश में 5 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 80 प्रतिशत पौधे आज भी सुरक्षित और जीवित हैं। संस्था वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान देती है।
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान के तहत हर साल 25 हजार से अधिक कपड़े के थैलों का वितरण किया जाता है। वहीं 125 से अधिक सामुदायिक भवनों, होटलों और कार्यालयों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में काम किया गया है। हर शनिवार रायपुर के बाजारों में पॉलीथिन मुक्त जनजागरण अभियान भी चलाया जाता है।
जल संरक्षण से लेकर तालाब बचाने तक कई अभियान
अमिताभ दुबे ने जल संरक्षण के क्षेत्र में भी कई पहल की हैं। सार्वजनिक स्थानों पर बिना टोंटी वाले नलों की पहचान कर उन्हें सुधारने के प्रयासों से लाखों लीटर पानी की बचत संभव हुई। इसके अलावा रायपुर के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब संरक्षण आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जहां जनसहभागिता से लगभग 1100 ट्रक मलबा निकालकर तालाब को स्वच्छ बनाया गया।
गजराज बांध (बोरियाखुर्द) और महाराजा बांध तालाब संरक्षण अभियानों में भी ग्रीन आर्मी ने व्यापक जनआंदोलन चलाया। वर्तमान में कल्याण सागर गदही तालाब संरक्षण अभियान के तहत लगातार सफाई और जनजागरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Raman Singh ने हरियर छत्तीसगढ़ अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए अमिताभ दुबे को सम्मानित किया था। वहीं रायपुर नगर निगम ने उन्हें स्वच्छता एम्बेसडर की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।
कोरोना महामारी के दौरान ग्रीन आर्मी की 45 सदस्यीय टीम ने शासन-प्रशासन के साथ मिलकर राहत और जनसेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
अमिताभ दुबे ने कहा
सम्मान प्राप्त करने के बाद अमिताभ दुबे ने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के हजारों स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है और ग्रीन आर्मी इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस उपलब्धि पर प्रदेशभर के सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक और पर्यावरणीय संगठनों ने अमिताभ दुबे और ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ को बधाई दी है।



