4 Aug 2026, Tue

Cocktail 2 Movie Review: शानदार लोकेशन, कमजोर पटकथा; रिश्तों की उलझन पर बनी फिल्म नहीं जगा पाई खास एहसास

 

मुंबई, 19 जून 2026। साल 2012 की हिट फिल्म Cocktail के करीब 14 साल बाद रिलीज हुई Cocktail 2 दर्शकों के सामने एक नई प्रेम त्रिकोण कहानी लेकर आई है। फिल्म में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि निर्देशन की कमान एक बार फिर होमी अदजानिया ने संभाली है। हालांकि शानदार लोकेशन, ग्लैमर और स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म भावनात्मक स्तर पर दर्शकों को जोड़ने में कमजोर साबित होती है।

प्यार, आकर्षण और उलझे रिश्तों की कहानी

फिल्म की कहानी दिल्ली में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे कुणाल (शाहिद कपूर) और दीया (रश्मिका मंदाना) के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों लंबे समय से साथ हैं, लेकिन अपने रिश्ते को लेकर असमंजस में हैं। इटली के सिसिली में छुट्टियां मनाने के दौरान दीया की मुलाकात उसकी पुरानी दोस्त एली (कृति सेनन) से होती है।

 

 

दीया अपने रिश्ते की सच्चाई परखने के लिए एली से कुणाल को आकर्षित करने को कहती है। इसके बाद शुरू होती है भावनाओं, आकर्षण और रिश्तों की जटिलताओं से भरी कहानी, जहां कुणाल दो महिलाओं के बीच उलझ जाता है।

खूबसूरत लोकेशन, लेकिन कमजोर पटकथा

फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी सिनेमेटोग्राफी है। सिसिली की मनमोहक वादियों और समुद्री नजारों को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है। इंटरवल तक ये दृश्य कमजोर कहानी को संभालते नजर आते हैं, लेकिन दूसरे भाग में कहानी अपनी पकड़ खो देती है।

लेखकों तरुण जैन और लव रंजन की स्क्रिप्ट भावनात्मक गहराई पैदा करने में सफल नहीं हो पाती। कई घटनाक्रम जबरदस्ती और नाटकीय लगते हैं, जिससे दर्शक किरदारों से जुड़ नहीं पाते।

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कलाकारों का प्रदर्शन कैसा रहा?

शाहिद कपूर रोमांस और फ्लर्ट वाले दृश्यों में सहज दिखते हैं, लेकिन भावनात्मक दृश्यों में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहते हैं। रश्मिका मंदाना स्क्रीन पर खूबसूरत जरूर लगती हैं, लेकिन उनके किरदार को पर्याप्त गहराई नहीं दी गई है।

कृति सेनन का किरदार ग्लैमरस और आकर्षक है, लेकिन वह मूल फिल्म की वेरोनिका (दीपिका पादुकोण) जैसी छाप नहीं छोड़ पातीं। शाहिद और कृति की केमिस्ट्री भी खास असर नहीं छोड़ती।

संगीत भी नहीं दोहरा पाया पुराना जादू

प्रीतम का संगीत सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन पहली Cocktail के यादगार गीतों जैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाता। फिल्म में ‘तुम ही हो बंधु’ का इस्तेमाल पुरानी यादें जरूर ताजा करता है।

फैसला

Cocktail 2 विजुअल्स, ग्लैमर और विदेशी लोकेशन के दम पर आकर्षित करती है, लेकिन मजबूत कहानी और भावनात्मक जुड़ाव की कमी इसे पहली Cocktail जितना प्रभावशाली नहीं बनने देती। अगर आप रोमांटिक ड्रामा और खूबसूरत लोकेशन देखने के शौकीन हैं तो फिल्म एक बार देख सकते हैं, लेकिन यह अपने पूर्ववर्ती की यादगार छाप नहीं छोड़ पाती।

रेटिंग: 2.5/5 ⭐⭐⭐✰✰

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