नारायणपुर, 30 जून 2026। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। भरण्डा गांव के बाद अब खड़का गांव में आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। विवाद बढ़ने पर दो धर्मांतरित परिवारों के घरों से सामान बाहर निकाल दिया गया। स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
गांव छोड़ने का दबाव, घर से बाहर निकाला सामान
जानकारी के अनुसार, खड़का गांव में ईसाई धर्म अपना चुके दो परिवारों पर गांव छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने उनके घरों से सामान बाहर निकाल दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

क्या है पूरा विवाद?
ग्रामीणों का कहना है कि धर्मांतरित परिवार गांव के सामाजिक कार्यक्रमों में अन्य लोगों की तरह चंदा दें और आदिवासी देवी-देवताओं तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करें। वहीं प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे साल में एक बार चंदा देने को तैयार हैं, लेकिन आदिवासी धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं करेंगे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
भारी पुलिस बल तैनात
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निगरानी की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भरण्डा गांव में भी हुआ था विवाद
बता दें कि कुछ दिन पहले नारायणपुर के भरण्डा गांव में भी 26 धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने के लिए कहे जाने का मामला सामने आया था। उस दौरान भी ग्रामीणों द्वारा धर्मांतरित परिवारों पर पुरानी परंपराओं में लौटने या गांव छोड़ने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी




