11 Oct 2026, Sun
Breaking

नारायणपुर के 45 परिवारों के घर पहली बार जली बिजली, नियद नेल्लानार योजना से दशकों का अंधेरा दूर; शिक्षा और रोजगार को मिली नई उम्मीद

सतीश शर्मा 

रायपुर, 12 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल में बसे नारायणपुर जिले के ग्राम मोहन्दी और मसपुर के लोगों के लिए साल 2026 की यह गर्मियां एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आईं। दशकों से लालटेन और ढिबरी की मद्धम रोशनी में जिंदगी गुजार रहे इन आदिवासी बाहुल्य गांवों में जब पहली बार बिजली का बल्ब जला, तो ग्रामीणों की आंखें खुशी से छलक उठीं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) योजना’ ने इन दुर्गम इलाकों में विकास का नया सवेरा ला दिया है।

दुर्गम राहें, दृढ़ संकल्प और सफलता

घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा व बीचपारा और ग्राम मसपुर के गुडरापारा तक बिजली पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के दृढ़ संकल्प के आगे हर बाधा छोटी साबित हुई।

कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) की टीम और निर्माण एजेंसी एम/एस माँ शारदा ने युद्धस्तर पर काम करते हुए समय-सीमा के भीतर इस चुनौतीपूर्ण विद्युत लाइन विस्तार कार्य को सफलता पूर्वक पूरा किया।

लाखों का निवेश, परिवारों के जीवन में उजाला

वनांचल के इन गांवों को रोशन करने के लिए सरकार ने दिल खोलकर बजट स्वीकृत किया। ग्राम मोहन्दी में लगभग 61.79 लाख रुपए की लागत से तीनों पाराओं में बिजली का विस्तार किया गया, जिससे सीधे 40 परिवारों को पहली बार बिजली मिली। वहीं ग्राम मसपुर के गुडरापारा में 22.42 लाख रुपए की लागत से कार्य पूर्ण कर 5 परिवारों के घरों को विद्युत कनेक्शन से जोड़ा गया।

पढ़ें   अहमदाबाद में आसमान से बरपा कहर: टेकऑफ के 5 मिनट बाद BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरा एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर, 242 सवारों की जान पर बना संकट, 20 छात्रों की मौत की आशंका

बदलेगी गांवों की तस्वीर: शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को नई उड़ान

बिजली पहुंचने से वनांचल के इन गांवों में अब विकास की रफ्तार तेज होने वाली है। अब रात के अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी। बेहतर रोशनी मिलने से शिक्षा और उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग, पंखे और अन्य आवश्यक बिजली उपकरणों के उपयोग से ग्रामीणों की दैनिक जीवनशैली बेहद सुगम हो गई है। बिजली की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों का संचालन अब बेहतर ढंग से हो सकेगा। ग्रामीणों में अब स्वरोजगार को लेकर नया उत्साह है। सिलाई, कुटीर उद्योग और छोटे व्यवसायों के शुरू होने से गांवों में आजीविका के नए साधन विकसित होंगे।

सपना हुआ साकार, ग्रामीणों ने जताया आभार

वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपने घरों को रोशनी से जगमगाता देख ग्रामीणों के चेहरों पर आत्मसंतुष्टि और खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बदलाव उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए राज्य शासन, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।

‘नियद नेल्लानार योजना’ सिर्फ गांवों तक बिजली पहुंचाने की योजना नहीं, बल्कि वनांचल के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की एक सशक्त मुहीम बन चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य अब जिले के अन्य वंचित गांवों में भी इसी तरह चरणबद्ध तरीके से विकास की रोशनी पहुंचाना है।

Share

 

 

 

 

 

You Missed