गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 20 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में अवैध शिकार के दौरान हुई एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जंगली सुअर के शिकार के दौरान भरमार बंदूक से चली गोली लगने से 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए खून से सने कमरे की फर्श को गोबर से लीप दिया और मृतक के परिजनों को बंदूक दिखाकर धमकाते हुए बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार करा दिया। मामले में मास्टरमाइंड समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला गौरेला थाना क्षेत्र के दरमोहली गांव का है। 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार से सूचना मिली कि 21 वर्षीय सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और बिना पुलिस को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घर के कमरे में खून के धब्बे मिले, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
शुरुआत में परिजनों और रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि सरवन सिंह की मौत पेट दर्द और खून की उल्टी होने से हुई है। हालांकि पुलिस की लगातार पूछताछ, वैज्ञानिक जांच और गवाहों के बयान में पूरी सच्चाई सामने आ गई।
जांच में खुलासा हुआ कि 27 जून की रात गांव के कुछ लोग अवैध रूप से जंगली सुअर का शिकार करने जंगल गए थे। सरवन सिंह पहले से जंगल में मौजूद था। आरोपियों ने उसे सुअर को जाल में फंसाने में मदद के लिए बुलाया था। इसी दौरान रामायण सिंह कुशराम की भरमार बंदूक से अचानक गोली चल गई, जो सीधे सरवन सिंह के सीने में लगी। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी घबरा गए और मामले को छिपाने की साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों ने मृतक के बड़े भाई पवन सिंह और पिता देवशरण को जंगल में बुलाकर माफी मांगी। जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो आरोपियों ने बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण परिवार ने अगले दिन बिना पोस्टमॉर्टम शव का अंतिम संस्कार कर दिया और मौत की झूठी वजह बताई।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने घटना के सबूत मिटाने के लिए खून से सने कमरे की फर्श को गोबर से लीप दिया ताकि पुलिस को किसी तरह का सुराग न मिल सके। करीब 20 दिन तक परिवार डर और दहशत में रहा। आखिरकार मृतक के बड़े भाई ने ग्राम कोटवार को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
पुलिस ने इस मामले में हत्या, सबूत मिटाने, धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 238(ख), 351(3), 190 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि अवैध शिकार और अपराध को छिपाने की साजिश में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।





