5 Nov 2026, Thu
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CG कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: 500 करोड़ का AI मिशन मंजूर, BEML का भारी मशीन निर्माण प्लांट लगेगा, गांवों की सड़क योजना में बड़े बदलाव, देखें सभी अहम निर्णय…

 

रायपुर, 5 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक निवेश, सड़क निर्माण, ऊर्जा और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन सहित कुल सात अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई।

राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है। मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे और 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं भी विकसित की जाएंगी।

कैबिनेट ने भारत सरकार के मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। राज्य में पहली बार हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित होगा। इससे बड़े निवेश आकर्षित होने, युवाओं को रोजगार मिलने और MSME क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के पहले चरण को मंजूरी दी गई। सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली के माध्यम से स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान और गुणवत्ता निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी।

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कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण को शामिल किया गया है। साथ ही सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। योजना का दायरा बढ़ाकर उन सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं।

बैठक में ADB से 15 करोड़ रुपये की पूर्ण अनुदान आधारित तकनीकी सहायता परियोजना को भी मंजूरी दी गई। “अंजोर LIGHT” परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, PPP इकोसिस्टम, ग्रीन फाइनेंस और विजन-2047 से जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति दी जाएगी। यह परियोजना पूरी तरह अनुदान आधारित होगी और राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

सरकार ने राज्य की योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने का भी निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट से सीधे हितग्राहियों और वेंडरों को जारी की जाएगी। इससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी, निष्क्रिय राशि और वित्तीय अनियमितताओं पर नियंत्रण लगेगा तथा योजनाओं की रियल टाइम निगरानी संभव होगी।

इसके अलावा कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी भी दे दी। सरकार का कहना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और राज्य के विद्युत अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी।

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