रायपुर, 08 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में सुशासन और पुनर्वास की दिशा में एक नई और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सुकमा के चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों ने पहली बार राजधानी के बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

ग्रामोद्योग विभाग की पहल पर आयोजित फैशन शो में चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों ने मिस इंडिया ईस्ट अनुष्का सोन के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा परिधानों में रैंप वॉक किया। इस दौरान उनके आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
फैशन शो में पुनेम देवे, माड़वी देवे, माड़वी माल्ले, मिडियम गांगी, माड़वी नान्दनी, डोंडी रामे, माड़काम भीमे, पोड़ियाम राजे, पुनेम ज्योति और हिड़मे मारकाम ने हिस्सा लिया। इन बेटियों ने पारंपरिक हथकरघा परिधानों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
हिंसा से विकास और भय से विश्वास की ओर बढ़ता कदम
यह आयोजन महज फैशन शो तक सीमित नहीं रहा। चिंतलनार की इन पुनर्वासित बेटियों का मंच पर रैंप वॉक करना हिंसा से विकास, भय से विश्वास और भटके हुए जीवन से सम्मानजनक भविष्य की ओर बढ़ते बदलाव का प्रतीक बन गया।
पहली बार ग्रामोद्योग विभाग की पहल पर सुकमा के चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों को राजधानी रायपुर के बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इस पहल ने उनके भीतर आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुनर्वासित बेटियों की इस प्रस्तुति की सराहना की। दोनों ने मंच पर पहुंचकर बेटियों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष ने ग्रामोद्योग विभाग की इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे आत्मनिर्भरता, सम्मान और पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
चिंतलनार की बेटियों का यह रैंप वॉक छत्तीसगढ़ में बदलाव की उस तस्वीर को सामने लाता है, जहां पुनर्वासित लोग अब केवल मुख्यधारा में लौट ही नहीं रहे, बल्कि अपनी प्रतिभा और हुनर के दम पर बड़े मंचों पर अपनी पहचान भी बना रहे हैं।





