दुर्ग-भिलाई, 22 सितम्बर 2026। कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को बेनामी संपत्ति प्रभाग (BPU), रायपुर की टीम ने भिलाई के कोहका स्थित सूर्या रेसीडेंसी के मकान नंबर A-1 का भौतिक कब्जा लेकर उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सुपेला पुलिस की मौजूदगी भी रही।

आयकर विभाग के अनुसार, यह संपत्ति खसरा नंबर 2028/38 पर स्थित है और इसका क्षेत्रफल करीब 0.02 हेक्टेयर है। विभाग की जांच में इसे बेनामी संपत्ति के तौर पर चिन्हित किया गया था। कार्रवाई के बाद मकान के बाहर विभाग की ओर से सूचना बोर्ड लगाया गया।

मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ी थी संपत्ति
जांच एजेंसियों के हवाले से न्यायिक रिकॉर्ड में कहा गया है कि मनीष उपाध्याय इसी मकान में रहता था। रिकॉर्ड में संपत्ति को कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताए जाने का भी उल्लेख है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह संपत्ति बेनामी तरीके से मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ी थी।
जांच के दौरान जब्त डायरी में भी मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़े कोड और रकम की एंट्री मिलने का न्यायिक रिकॉर्ड में उल्लेख किया गया है। हालांकि, संपत्ति से जुड़े आरोपों और दावों की अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
ढोल बजाकर कराई गई मुनादी
आयकर विभाग की टीम ने मकान पर कब्जे की कार्रवाई पूरी करने के बाद ढोल बजाकर मुनादी भी कराई। मकान को सील करने के साथ विभाग ने वहां कार्रवाई से संबंधित सूचना बोर्ड लगाया है।
विभाग ने यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम के तहत की है।
A-22 पर भी चस्पा किया नोटिस
इसी सूर्या रेसीडेंसी परिसर के मकान नंबर A-22 पर भी आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति प्रभाग ने कार्रवाई की है। टीम ने यहां बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत जब्ती का नोटिस चस्पा किया है।
जानकारी के मुताबिक, यह मकान पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और उनके परिजनों से जुड़ा पाया गया था। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में इस परिसर के इस्तेमाल को कोयला लेवी मामले से जोड़ा गया है।
आयकर विभाग की ताजा कार्रवाई के बाद कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर जांच और कानूनी कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।




