10 Oct 2026, Sat
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48 घंटे तक शावकों का इंतजार करती रही मां, ट्रैप कैमरे में पहुंची मादा तेंदुआ; दोनों बच्चों को साथ लेकर जंगल लौटी

जगदलपुर, 26 अगस्त 2026। चित्रकोट रेंज के पहाड़ी जंगल में मां से बिछड़े तेंदुए के दो शावकों को आखिरकार उनकी मां मिल गई। वन विभाग की टीम करीब 48 घंटे तक मादा तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखती रही। सोमवार रात ट्रैप कैमरे में मादा तेंदुआ दोनों शावकों के पास पहुंचती दिखाई दी। कुछ देर बाद वह दोनों को अपने साथ लेकर घने जंगल में लौट गई।

22 अगस्त को ग्रामीण बच्चों को पहाड़ी वन क्षेत्र में तेंदुए का एक नन्हा शावक मिला था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और जंगल में चिह्नित स्थान पर रखा। विभाग को उम्मीद थी कि मादा तेंदुआ गंध या आवाज के जरिए अपने शावक तक पहुंच जाएगी, लेकिन अगले दिन सुबह तक वह वहां नहीं पहुंची।

इसके बाद वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से आसपास के जंगल में सर्चिंग शुरू की। तलाशी के दौरान दूसरा शावक भी मिल गया। दोनों शावकों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया और उनकी निगरानी के लिए आसपास हाई-रेजोल्यूशन ट्रैप कैमरे लगाए गए।

वन विभाग ने इस दौरान मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम रखा, ताकि मादा तेंदुआ स्वयं अपने बच्चों को पहचानकर उन्हें वापस ले जा सके। करीब 48 घंटे बाद कैमरे में मादा तेंदुआ शावकों के पास पहुंची और दोनों को अपने साथ लेकर जंगल की ओर चली गई।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों शावकों का उनकी मां से मिलना वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता है। इस तरह बस्तर वनमंडल का ‘मिशन रीयूनाइट’ सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

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