रायपुर, 26 अगस्त 2026। दुर्ग जिले में ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह के ठिकानों पर स्टेट GST की जांच दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को 12 सदस्यीय टीम ने करीब 9 घंटे तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई रात करीब 8.30 बजे तक चली।
जांच के दौरान GST टीम ने HTC के साथ इंद्रजीत सिंह से जुड़ी दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनरशिप फर्म के दस्तावेज भी खंगाले। अधिकारियों ने दोनों कंपनियों के 2020-21 से अब तक के रिकॉर्ड, लेनदेन, ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट की जानकारी जुटाई।

जांच में सामने आया कि इंद्रजीत सिंह की कंपनियां केवल BSP के लिए ही परिवहन का काम नहीं करतीं, बल्कि दो सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए भी माल ढुलाई की जाती है। तीनों संस्थानों की ओर से ट्रांसपोर्टेशन के लिए जारी किए गए वर्क ऑर्डर अब GST जांच के दायरे में हैं। टीम इन वर्क ऑर्डर के आधार पर किए गए काम, बिल, कंसाइनमेंट और भुगतान का आपस में मिलान कर रही है।
कंपनी BSP और सीमेंट फैक्ट्रियों से माल उठाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाती है। ऐसे में GST टीम कारोबार के भिलाई से बाहर तक फैले नेटवर्क और उससे जुड़े लेनदेन की भी जांच कर रही है।
3 दिन का सर्च वारंट, बुधवार को फिर पहुंच सकती है टीम
GST विभाग ने कोर्ट से तीन दिन का सर्च वारंट हासिल किया है। मंगलवार रात टीम कार्रवाई पूरी कर वापस लौटी। वारंट की अवधि को देखते हुए बुधवार को भी अधिकारियों के दोबारा पहुंचने की संभावना है। टीम ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट से जुड़े दस्तावेजों को मंगाकर कंपनी के रिकॉर्ड और वास्तविक लेनदेन से उनका मिलान करेगी। इसके बाद ही टैक्स संबंधी किसी अंतर या गड़बड़ी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
12 कंप्यूटर और 20 कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच
कार्रवाई के दौरान GST अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद 12 कंप्यूटरों की भी जांच की। इसके अलावा करीब 20 कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए। कागजी दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि कारोबार और लेनदेन में किसी तरह का अंतर सामने आने पर उसका सत्यापन किया जा सके।
इंद्रजीत सिंह से स्क्रैप ट्रेडिंग को लेकर भी पूछताछ की गई। बताया गया कि पहले उनकी स्क्रैप ट्रेडिंग कंपनी थी, लेकिन लंबे समय से यह कारोबार बंद है। जरूरत पड़ने पर पुराने कारोबार से जुड़े दस्तावेज भी जांच में शामिल किए जा सकते हैं।
बलौदाबाजार यार्ड में भी हुई थी जांच
सोमवार को GST टीम ने बलौदाबाजार स्थित यार्ड में भी जांच की थी। अधिकारियों के अनुसार यार्ड का मुख्य इस्तेमाल ट्रकों की पार्किंग के लिए होता है। वहां कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की बजाय ड्राइवरों से संबंधित कागजात मिले, जिसके बाद यार्ड की जांच पहले ही दिन पूरी कर दी गई।
दो कंपनियों के जरिए संचालित होता है कारोबार
जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह का ट्रांसपोर्ट कारोबार मुख्य रूप से हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) और दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनशिप के जरिए संचालित होता है। पार्टनरशिप फर्म में उनकी पत्नी समेत अन्य लोग पार्टनर हैं। HTC लंबे समय से ट्रांसपोर्ट कारोबार में सक्रिय है। GST टीम अब पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड का मिलान कर पूरे कारोबार और टैक्स संबंधी लेनदेन की स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है।





