मेरठ, 08 सितंबर 2026। आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ द्वारा ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री श्री 108 श्री सौरभ सागर महाराज के आशीर्वचन से हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्यों, संतों एवं विद्वानों ने ज्योतिष शास्त्र, ग्रहों की चाल और उनके प्रभावों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज, श्री सुरेश्वर महादेव पीठ रायपुर, छत्तीसगढ़, डॉ. अनिल तिवारी छत्तीसगढ़, राजकुमार शर्मा राजस्थान, डॉ. हरीश रावत नई दिल्ली, पूनम शर्मा नई दिल्ली, नरेश शर्मा गुना, डॉ. लखन दहिया जबलपुर, शील गुप्ता कानपुर, शिक्षा अग्रवाल, कृपाराम उपाध्याय भोपाल सहित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ के कुलपति एवं ज्योतिष विभाग की प्रो. आशा त्यागी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सम्मेलन के दौरान डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज को विशेष अलंकरण एवं विशेष पदवी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों एवं ज्योतिष प्रेमियों ने उनके आशीर्वचन प्राप्त किए।
अपने संबोधन में डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद महाराज ने ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल, उनके प्रभाव तथा ग्रहों से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दीर्घायु और जीवन में आने वाली बाधाओं से बचाव के लिए विभिन्न ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ग्रहों की स्थिति और उनकी चाल का व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में ग्रहों की शांति के लिए विशेष पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक उपाय किए जा सकते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों को जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने और आध्यात्मिक साधना से जुड़ने का संदेश भी दिया।
राजनीतिक क्षेत्र में उपलब्धि और सफलता प्राप्त करने के संदर्भ में उन्होंने मां बगलामुखी के जाप को महत्वपूर्ण साधना बताया। उन्होंने कहा कि उचित साधना, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आध्यात्मिक उपाय व्यक्ति के आत्मविश्वास को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
ज्योतिष सम्मेलन में विभिन्न विद्वानों ने ज्योतिष के वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहलुओं पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं विद्वानों का सम्मान किया गया तथा ज्योतिष के क्षेत्र में अध्ययन और शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।





