27 Oct 2026, Tue
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छत्तीसगढ़ की जेलों में बंदियों की शिकायतों पर होगी सुनवाई: जिला जज अध्यक्ष, 3 विधायक और 2 सामाजिक कार्यकर्ता बोर्ड में शामिल होंगे

रायपुर, 11 सितम्बर 2026। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के हर जिले में बोर्ड ऑफ विजिटर्स का गठन किया है। जेलों में सुधारात्मक कार्यों की निगरानी, बंदियों की शिकायतों की सुनवाई और जेलों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा इस बोर्ड की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि बोर्ड बंदियों के प्रशिक्षण, पुनर्वास और जेलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से जुड़े मामलों की भी समीक्षा करेगा।

जिला जज होंगे अध्यक्ष

हर जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सदस्य होंगे। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता और जिला शिक्षा अधिकारी को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।

तीन विधायक होंगे सदस्य, एक महिला जरूरी

बोर्ड में विधानसभा के तीन सदस्यों को शामिल किया जाएगा। इनमें कम से कम एक महिला विधायक होना अनिवार्य है। विधायकों का नामांकन राज्य सरकार समय-समय पर करेगी। राज्य मानव अधिकार आयोग के एक नामित प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया गया है।

दो सामाजिक कार्यकर्ता भी होंगे शामिल

बोर्ड में जिले के दो सामाजिक कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाया जाएगा। इनमें एक महिला होना जरूरी है। जेल प्रशासन और बंदियों के कल्याण से जुड़े कार्यों में रुचि रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

रोजगार, कृषि और उद्योग विभाग की भी भूमिका

बोर्ड में जिला रोजगार अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी और जिला उद्योग अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया है। इनके जरिए बंदियों के प्रशिक्षण, रोजगार, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी।

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जेलों की ट्रेनिंग और सुविधाओं की होगी निगरानी

बोर्ड जेलों में चल रहे सुधारात्मक कार्यक्रमों की निगरानी करेगा। बंदियों को दी जा रही ट्रेनिंग की गुणवत्ता, उसके परिणाम, जेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जरूरत के अनुसार जेल सुधार के लिए नए सुझाव भी दिए जाएंगे।

व्यक्तिगत और सामूहिक शिकायतों पर होगी सुनवाई

बोर्ड बंदियों की व्यक्तिगत और सामूहिक शिकायतों की समीक्षा भी करेगा। जेल प्रशासन के साथ चर्चा कर शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए जेलों में बंदियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान, उनके कल्याण और पुनर्वास की व्यवस्था को मजबूत करना है।

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