रायपुर, 22 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्रों में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में लागू यह नीति निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार, एमएसएमई विकास, नवाचार और क्षेत्रीय औद्योगिक संतुलन पर विशेष जोर देती है।
यह नीति 1 नवंबर 2024 से 31 मार्च 2030 तक प्रभावी है। इसे ‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन-2047’ के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें मौजूदा उद्योगों के विस्तार, विविधीकरण, आधुनिकीकरण और प्रतिस्थापन के साथ नए एवं उभरते क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के प्रावधान किए गए हैं।

निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन
नई औद्योगिक विकास नीति के तहत पात्र उद्योगों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी, ब्याज अनुदान, नेट SGST प्रतिपूर्ति, बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, तकनीकी एवं पेटेंट सहायता तथा रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसे लाभ दिए जा रहे हैं।

पात्रता के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक छूट, कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी 50 प्रतिशत तक और EPF प्रतिपूर्ति 75 प्रतिशत तक देने का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए निवेशकों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
पारंपरिक उद्योगों के साथ नए क्षेत्रों पर फोकस
नीति का दायरा केवल खनिज आधारित उद्योगों तक सीमित नहीं रखा गया है। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल एवं इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, एआई एवं रोबोटिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस एवं स्पेस टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन दिया गया है।
इसके अलावा स्टील और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी नीति में व्यापक प्रावधान किए गए हैं।
MSME और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा
औद्योगिक विकास नीति में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए विशेष सहायता का प्रावधान है। राज्य के विकासखंडों को विभिन्न समूहों में वर्गीकृत कर पिछड़े और अपेक्षाकृत कम विकसित क्षेत्रों में निवेश के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया गया है।
SC/ST उद्यमियों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
रोजगार सृजन से जुड़े उद्योगों को सहायता
नीति में रोजगार सृजन को औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए रोजगार आधारित सहायता का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने को नीति के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है।
सब्सिडी से निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
नई नीति के तहत पात्र उद्योगों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी, ब्याज अनुदान, तकनीकी पेटेंट सब्सिडी, टेक्नोलॉजी खरीद सब्सिडी, रोजगार सहायता, EPF प्रतिपूर्ति और स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
प्रमुख प्रोत्साहनों में 100 प्रतिशत तक स्टाम्प ड्यूटी छूट, 50 प्रतिशत तक कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी तथा 75 प्रतिशत तक EPF प्रतिपूर्ति का प्रावधान शामिल है। इन प्रोत्साहनों के जरिए छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
— ताराशंकर सिन्हा




