29 Sep 2026, Tue
Breaking

सूरजपुर डबल मर्डर केस में कुलदीप साहू को 10 साल की सजा: पुलिस पर कार चढ़ाने के मामले में दोषी, कोर्ट से निकलते वक्त हंसकर दिया पोज

सूरजपुर, 29 सितम्बर 2026। प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में आरोपित कुलदीप साहू को पुलिसकर्मियों को कार से कुचलकर हत्या का प्रयास करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से बाहर निकलते समय कुलदीप साहू हंसता हुआ नजर आया और उसने मीडिया के सामने पोज देते हुए कहा—“स्माइली वाला दिखाइएगा।”

कुलदीप को अंबिकापुर केंद्रीय जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच सूरजपुर न्यायालय लाया गया था। सोमवार को फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में लोग और पुलिसकर्मी मौजूद थे। कोर्ट से बाहर निकलते समय उसके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट नजर नहीं आई और वह कैमरों के सामने मुस्कुराता हुआ दिखाई दिया।

मां-बेटी की हत्या के मामले में चार आरोपित दोषी

13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और नाबालिग बेटी की उनके किराए के मकान में चाकू से हत्या कर दी गई थी। बाद में दोनों के शव पीढ़ा गांव के पास फेंके गए थे।

इसी रात पुराना बस स्टैंड चौपाटी में आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल डालकर हमला किया गया था। इसके बाद प्रधान आरक्षक तालिब शेख समेत पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की कोशिश का भी आरोप लगा था।

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने के प्रयास के मामले में कुलदीप साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं इस मामले में रिंकू उर्फ फूल सिंह, चंद्रकांत चौधरी, आर्यन विश्वकर्मा, अशोक साहू और राजू साहू को दोषमुक्त किया गया।

पढ़ें   छत्तीसगढ़ में 2.73 करोड़ लोगों को मिल रही खाद्यान्न सुरक्षा : 85% राशन कार्डधारियों का ई-KYC पूरा, अब मोबाइल ऐप से घर बैठे भी हो रहा सत्यापन

दोहरे हत्याकांड में सजा का फैसला 8 अक्टूबर को

दोहरे हत्याकांड के मामले में अदालत ने कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा को दोषी माना है। वहीं सूरज साहू और निलकेश्वर साहू को दोषमुक्त कर दिया गया। दोषी पाए गए आरोपितों की सजा पर फैसला 8 अक्टूबर 2026 को सुनाया जाएगा।

पहले से दर्ज थे कई आपराधिक मामले

पुलिस के अनुसार, कुलदीप साहू के खिलाफ दोहरे हत्याकांड से पहले भी दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे और उसका नाम गुंडा-बदमाशों की सूची में शामिल था। घटना के बाद उसकी गिरफ्तारी बलरामपुर पुलिस ने की थी।

घटना के बाद सूरजपुर में लोगों ने प्रदर्शन कर आरोपितों को कड़ी सजा देने की मांग की थी। प्रशासन ने कुलदीप साहू के अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को भी हटाया गया था।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की गवाही अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी। राज्य शासन की अनुमति से सहायक संचालक अभियोजन सुरेश शर्मा को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed