रायपुर, 31 अक्टूबर। युवाओं को तंबाकू के सेवन से दूर रखने और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘तंबाकू-मुक्त युवा अभियान 4.0’ का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों को उजागर करते हुए लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
यह पहल भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित 60 दिवसीय राष्ट्रव्यापी जनस्वास्थ्य अभियान का हिस्सा है। अभियान का उद्देश्य युवाओं में तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक और सामाजिक नुकसान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। छात्रों ने अपने साथियों से तंबाकू से दूरी बनाने और बेहतर जीवनशैली अपनाने की अपील की।

इस दौरान राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेटों और यंग इंडिया (YI) के स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारत सरकार के MyGov पोर्टल पर ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ लेकर तंबाकू का सेवन नहीं करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा शर्मा ने छात्र कल्याण अधिष्ठाता (DSW) विभाग के सहयोग से किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मुख्य प्रॉक्टर डॉ. रूपेश ठाकुर ने विद्यार्थियों की पहल की सराहना की। उन्होंने जनस्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि तंबाकू के खिलाफ जागरूकता अभियान में युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अहम है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, नागरिक सहभागिता और सामुदायिक सेवा की भावना विकसित होती है।
कलिंगा विश्वविद्यालय ने इस पहल के माध्यम से तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।


