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केंद्र सरकार द्वारा “न्यूनतम समर्थन मूल्य” की राशि के घोषणा को लेकर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे का तीखा प्रहार, बोले : यह तो ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जितना पैसा है

 

भूपेश टांडिया 

रायपुर 10 जून 2021

 

केंद्र सरकार के द्वारा 2020-21 के लिए खरीफ फसल को देखते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा यहां ऊंट के मुंह में जीरा जितना पैसा है।

उन्होंने कहा की जितना पैसा किसानों को मिलेगा उससे ज्यादा तो मोदी सरकार के द्वारा डीजल के दामों में वसूली कर रहे हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने बीएमबी लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की और एक मोदी सरकार है जोकि 40 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने की बात कह कर भी अपनी बातों से मुकर गए।

केंद्र की मोदी सरकार पर वे लगातार आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को लेकर कहा कि वह इतना कम है कि किसान पिछले साल की तुलना में घाटी में ही रहेंगे पिछले 1 वर्ष में डीजल के दामों में जो वृद्धि हुई है उसकी वजह से खेती करना भी बहुत महंगा हो गया है।

भाजपा को किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि तीन काले कानून को लाकर किसान की जान में आफत डालने वाली केंद्र की मोदी सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा का मूल चरित्र ही किसान विरोधी है।

उन्होंने आगे कहा की भाजपा को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लाए गए किसान न्याय योजना भी बर्दाश्त नहीं हो रही है एक ओर तो भाजपा किसानों से किया हुआ वायदा निभाती नहीं है दूसरी ओर उससे यह भी बर्दाश्त नहीं होता है कि कोई और सरकार अपना वादा निभा ले।

उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि राजीव गांधी किसान या योजना छत्तीसगढ़ में लागू नहीं की होती तो आज फिर छत्तीसगढ़ का किसान कर्ज में डूबा हुआ होता और आत्महत्या करने को मजबूर होता जैसा कि रमन सिंह के शासनकाल में किसान आत्महत्या कर रहे थे।

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