8 Mar 2026, Sun

GST पर घमासान : CM भूपेश बघेल ने लिखी 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी, GST को लेकर की मांग….

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 28 मार्च 2022

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी है । सीएम भूपेश बघेल ने पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस वर्ष तक जारी रखने के लिए साझा आग्रह किया जाए । दरअसल, केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि जून, 2022 के बाद राज्यों को दी जाने वाली जीएसटी की क्षतिपूर्ति बंद कर दी जाएगी ।

 

सीएम भूपेश बघेल का कहना है कि केंद्र सरकार के इस फैसले से उत्पादक राज्यों को राजस्व की भारी हानि होगी । ऐसे में उन्होंने केंद्र से जीएसटी (GST) क्षतिपूर्ति जारी रखने या वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का आग्रह किया था ।

 

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद को लेकर किसी भी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए क्योंकि यह बिना किसी भेदभाव के पूर्व निर्धारित फार्मूले के तहत काम करती है । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि जीएसटी (GST) लागू होने के कारण राजस्व के किसी भी नुकसान के लिए राज्यों को 5 वर्ष के लिए क्षतिपूर्ति के भुगतान के उद्देश्य से, जीएसटी (राज्यों को क्षतिपूर्ति) अधिनियम, 2017 की धारा 8 के तहत चुनिंदा वस्तुओं पर जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है । उन्होंने कहा कि केंद्र भी क्षतिपूर्ति कोष में उपलब्ध राशि के आधार पर राज्यों को नियमित जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी करता रहा है ताकि जीएसटी राजस्व की कमी की भरपाई की जा सके. वहीं वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा था कि राज्यों को मुआवजे की अवधि 5 साल है और केंद्र सरकार 2022 तक राज्यों को मुआवजा देने के लिए प्रतिबद्ध है ।

पढ़ें   भाजपा करेगी मतदाताओं का अभिनंदन : 27 जून से 14 जुलाई तक होंगे हर विधानसभा में कार्यक्रम; संजय श्रीवास्तव होंगे समिति के संयोजक,अशोक बजाज, भरत सिसोदिया,उपकार चंद्रकार सदस्य

 

केंद्र सरकार द्वारा जून 2022 के बाद से राज्यों को जीएसटी क्षति पूर्ति की राशि न देने के निर्णय पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से केंद्र के इस निर्णय से राज्यों को होने वाली हानियों पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने उड़ीसा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में श्री बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस वर्ष तक जारी रखने का साझा आग्रह करने का अनुरोध किया है, ताकि राज्यों के राजस्व को भारी हानि होने से बचाया जा सके और जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखने अन्यथा वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा सके।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करते हुए तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में 29 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों ने जून 2022 में समाप्त होने वाले जीएसटी मुआवजे पर चिंता व्यक्त की थी और केंद्र सरकार से इसे और 5 साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, जबकि इस मामले में सभी राज्य केंद्र सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद रखते हैं।

दूसरे बिंदु में उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे मैन्युफैक्चरिंग राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलना एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। वि-निर्माण राज्य होने के नाते, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हमारा योगदान उन राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है, जिन्हें वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खपत के कारण जीएसटी शासन से लाभ हुआ है। यदि जीएसटी क्षतिपूर्ति जून 2022 से आगे जारी नहीं रखा गया, तो छत्तीसगढ़ भारी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 5,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। ठीक इसी तरह दूसरे राज्यों को भो आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्तियां कम होगी।और राज्यों को इस समस्या से जनहित के कार्यों और विकास कार्यों के लिए पैसों की व्यवस्था करना बहुत कठिन हो जाएगा।

पढ़ें   CG में IFS अफसरों की हुई पदोन्नति : अंग्रेजी नव वर्ष के पहले दिन IFS अफसरों को पदोन्नति की सौगात...इन IFS अफसरों को मिला पदोन्नति का लाभ

तीसरे बिंदु में भूपेश बघेल ने बताया है कि जीएसटी व्यवस्था की शुरुआत के बाद टैक्स नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है। वाणिज्यिक टैक्स के अलावा, राज्यों के पास टैक्स राजस्व की अन्य मदों में राजस्व बढ़ाने के लिए विकल्प नहीं बचे हैं। इसलिए, अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव से उबरने के लिए और राज्यों को जीएसटी का यथोचित लाभ मिलने तक, राज्यों को केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह कम से कम अगले 5 के लिए जीएसटी की कमी के लिए क्षतिपूर्ति के मौजूदा तंत्र को जारी रखे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विश्वास जताया कि राज्य उनकी बात से सहमत होंगे और एक साथ इस मुद्दे पर केंद्र से सहमति का साझा अनुरोध करेंगे।

 

Share

 

 

 

 

 

You Missed