Bada Mangal 2024 : हिंदू धर्म में हर दिन का विशेष महत्व होता है और हफ्ते का हर दिन किसी न किसी देवी-देवताओं को समर्पित किया जाता है.सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार भी बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माने गए हैं. बड़ा मंगल पर हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा व्रत किया जाता है. कहते हैं कि सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करने वाले साधकों के जीवन मे सभी दुख और संकट दूर होते हैं. अगर आप भी बड़ा मंगल के अवसर पर बजरंगबली का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो हनुमान जी की पूजा कर आरती जरूर करें. इससे पूजा का पूरा फल मिलता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. कहते हैं इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर बिगड़े काम बन जाते हैं. कहते हैं आरती के बिना हनुमान जी की पूजा पूरी नहीं मानी जाती.

हनुमानजी की पूजा विधि
साल के आखिरी बड़े मंगल पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थल पर पहुंचे। आप हनुमानजी की मूर्ति या प्रतिमा को पूजा स्थल पर रखें, उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं। फिर पंचामृत से भी स्नान कराएं। बाद में साफ पानी से भी स्नान जरूर करवाएं। आप हनुमानजी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उनकी प्रिय चीजें अर्पित करें। इस दौरान उन्हें पान का बीड़ा जरूर चढ़ाएं। बाद में उनकी आरती करें। पूजा समाप्त करने के बाद जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Aarti)
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।।
पैठि पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।





