प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 31 मार्च 2025
संयुक्त राष्ट्र टूरिज्म द्वारा जारी विश्व के 60 देशों के 20 श्रेष्ठ ग्रामों की सूची में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का ग्राम धुड़मारास स्थान पाने वाला भारत का एकमात्र गांव बना है। इस गांव का चयन अपग्रेडेशन यानी उन्नयन प्रोग्राम की श्रेणी में किया गया है। अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण इसे यह स्थान मिला है।
धुड़मारास ग्राम में सौर विद्युतीकरण की स्वीकृति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम धुड़मारास को सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के तहत ग्राम की गलियां, सड़कें और चौक-चौराहे सोलर पावर प्लांट से संचालित स्ट्रीट लाइटों और हाई मास्ट संयंत्रों से रोशन किए जाएंगे। इसके अलावा, स्वच्छ जल की उपलब्धता के लिए सोलर पेयजल पंप लगाए जाएंगे और गांव के स्कूल को भी सौर ऊर्जा से विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
क्रेडा की भूमिका
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा इन सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश सिंह राणा के निर्देशन में शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
प्रकाश व्यवस्था हेतु सौर संयंत्रों की स्थापना
- सोलर हाईमास्ट संयंत्र: 09 मीटर ऊंचे 1200 वॉट क्षमता के 2 संयंत्र ग्राम के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाए जाएंगे।
- सोलर स्ट्रीट लाइट पावर प्लांट: 10.5 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट से 57 स्ट्रीट लाइटें संचालित होंगी।
- शाला का सौर विद्युतीकरण: 2.4 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट के माध्यम से स्कूल को विद्युत आपूर्ति मिलेगी।
पेयजल व्यवस्था हेतु सौर संयंत्रों की स्थापना
- सोलर ड्यूल पंप: 06 मीटर ऊंचे 5000 लीटर क्षमता के 01 सोलर ड्यूल पंप से ग्राम में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
बस्तर और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सरकार की नीतियों के तहत गांवों में स्ट्रीट लाइट, सोलर वाटर पंप और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का विजन है कि प्रत्येक गांव तक स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा पहुंचे, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़े।
नियद नेल्लानार योजना के तहत विकास कार्य
‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के 113 ग्रामों में सौर ऊर्जा आधारित मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस योजना के तहत 231 सौर सिंचाई पंप, 349 सौर पेयजल पंप और 133 सोलर हाई मास्ट संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोशनी की नई किरण
आजादी के 78 वर्षों बाद पहली बार नारायणपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाईमास्ट संयंत्र लगाए गए हैं। इन क्षेत्रों में अब पहली बार सौर ऊर्जा से संचालित टीवी का संचालन किया जा रहा है, जिससे ग्रामवासियों को देश-दुनिया की जानकारी मिल रही है।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और सीईओ क्रेडा के प्रयासों से बस्तर और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के माध्यम से उजाला लाया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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